शादी से पहले दूल्हे की मेडिकल जांच कराने का कानून बने

सांसद मालविंदर ने संसद में उठाया शादी के बाद बढ़ते धोखे और घरेलू हिंसा का मुद्दा

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने देश में बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर शुक्रवार को संसद में एक गंभीर और संवेदनशील मुद्दा उठाया। उन्होंने वर्तमान समाज में बढ़ते तलाक के मामलों और घरेलू हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से विवाह कानूनों में कड़े सुधार करने की मांग की।
संसद में अपनी बात रखते हुए सांसद मालविंदर सिंह ने कहा कि हमारे देश में शादियां टूटने और घरों के बिखरने का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि यह समस्या केवल पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भारत के परिवारों को अपनी चपेट में ले रही है। उन्होंने समाज के दोहरे मानदंड का हवाला देते हुए कहा कि हम शादी से पहले लड़की की शिक्षा, चरित्र और पारिवारिक पृष्ठभूमि की बारीकी से जांच करते हैं, लेकिन जब बात लड़के की आती है, तो हम अपनी आँखें मूंद लेते हैं। शादी के बाद लड़को में सामने आने वाले नशा, गंभीर बीमारियां और आपराधिक प्रवृत्तियां अनगिनत जिंदगियों को बर्बाद कर रही हैं। कंग ने केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों से इस दिशा में तुरंत कड़े कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने मांग की कि मैरिज सर्टिफिकेट जारी करने से पहले लड़के का डोप टेस्ट अनिवार्य किया जाए। विवाह से पूर्व लड़के के लिए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट को कानूनी रूप से आवश्यक बनाया जाए। कंग ने कहा कि यह एक छोटा सा सुधार हमारे देश की महिलाओं के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच साबित होगा।

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