मोहाली। सीनियर कांग्रेसी नेता और पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू इन दिनों गांव-गांव जाकर लोगों को सरकार और गमाडा की ज्यादतियों के खिलाफ और किसानों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। इसके साथ ही वह लोगों से 6 अप्रैल को होने वाले धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील भी कर रहे हैं।
शुक्रवार को सिद्धू ने कहा कि मौजूदा सरकार गमाडा के जरिए किसानों के साथ अन्याय कर रही है और ये नीतियां सीधे तौर पर किसान विरोधी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना उचित मुआवजा दिए किसानों से जमीन अधिग्रहित कर रही है, जो पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जब प्लॉटों का आवंटन किया जाता है, तो किसानों की बजाय बड़े व्यापारिक घरानों को प्राथमिकता दी जाती है। यह स्पष्ट करता है कि सरकार का ध्यान जनकल्याण के बजाय मुनाफा कमाने पर है। सिद्धू ने गमाडा की उस नीति पर भी सवाल उठाए, जिसके तहत कोने या पार्क के सामने वाले प्लॉट लेने वालों से अतिरिक्त राशि वसूली जाती है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया गलत है और इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गमाडा, जिसे लोगों को सस्ते घर उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया था, अब निजी कंपनियों की तरह काम कर रहा है और केवल मुनाफे पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि लैंड पूलिंग नीति के जरिए सरकार किसानों की जमीन लेकर बड़े स्तर पर लाभ कमा रही है, लेकिन इससे न तो किसानों को फायदा हो रहा है और न ही आम लोगों को कोई राहत मिल रही है। सिद्धू द्वारा पट्टों, मनौली, रुड़का, धर्मगढ़, सेखण माजरा, कुरड़ा, कुरड़ी, बाकरपुर, मोटे माजरा, तंगोरी, नडियाली, मटरां, सियाऊ, कंडाला, साफीपुर, झिऊरहेड़ी, अलीपुर और जगतपुरा समेत कई गांवों में जाकर बैठकें की गईं। इन बैठकों में लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और अपने अधिकारों के लिए एकजुट होने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों में गमाडा की नीतियों के खिलाफ भारी रोष है और लोग अपनी जमीन पर किसी भी तरह की जबरदस्ती को सहन नहीं करेंगे।
गमाडा और सरकार की ज्यादतियों के खिलाफ गांव-गांव में लोगों को जागरूक कर रहे बलबीर सिद्धू
