10 साल में दर्ज ऐसे 597 केसों में केवल 44 लोगों को ही दोषी करार दिया
आप की राजनीतिक रैलियों में सरकारी फंडों का इस्तेमाल करना निंदनीय
राज्यपाल से इस घोटाले की स्वतंत्र जांच का आदेश देने का आग्रह किया
जैतों। शिरोमणी अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने मंगलवार को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) दोनों सरकारों को बेअदबी के मुददे पर राजनीति करने के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए सवाल किया कि दोनों सरकारों ने बेअदबी के मामलों मे कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं की और केवल 597 मामलों में से केवल 44 को ही दोषी क्यों ठहराया गया? उन्होंने कहा कि पंजाब में बीते दस सालों में बेअदबी की 597 घटनाएं हुई और जिसमें से 99 लोगों को बरी किया गया है।
पार्टी के पंजाब बचाओ अभियान के दौरान हलका इंचार्ज सूबा सिंह बादल के साथ एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने कहा,‘‘मैं पूछना चाहता हूं कि बलजीत सिंह दादूवाल और ध्यान सिंह मंड जैसे पंथ के स्वयंभू नेता कहा हैं? उन्होने 597 जगहों में से एक भी जगह का दौरा क्यों नहीं किया, जहां ये बेअदबी की घटनाएं हुईं?’’ उन्होंने कहा कि यह साफ है इन नेताओं में से एक ने भी ऐसी जगह जाने की जरूरत नहीं समझी, क्योंकि उनका एकमात्र मकसद 2015 में केंद्रीय एजेंसियों के आदेश पर बरगाड़ी बेअदबी मामले में मिलीभगत का झूठा आरोप लगाकर अकाली दल को बदनाम करना था। बादल ने कहा कि वह पंजाबियों को याद दिलाना चाहते हैं कि पंजाब में बेअदबी की घटनाएं 2014 में आप के सत्ता में आने के बाद से ही शुरू हुई । उन्होंने कहा,‘‘आप विधायक नरेश यादव को बेअदबी के मामले में दोषी ठहराया गया था, जबकि आप पार्टी ने उन्हें बचाने की हरसंभव कोशिश की थी, और अपने वरिष्ठ नेताओं हरपाल चीमा और हरजोत बैंस को अदालत में उनका बचाव करने के लिए मैदान में उतारा था।’’
शिअद अध्यक्ष ने राज्य में सामने आ रहे नए घोटाले के बारे में कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने पिछले महीने सरकारी खर्च पर न केवल मोगा में रैली आयोजित की, बल्कि राज्य के खजाने के खर्च पर पूरे पंजाब में 16 हजार रैलियां, मीटिंगें और ग्राम सभाएं आयोजित करने की भी योजना बनाई है। उन्होंने कहा,‘‘यह सैंकड़ो करोड़ रूपये का घोटाला है, क्योंकि आम आदमी पार्टी सरकार टेंट, कुर्सियां और खाने-पीने की चीजों के ठेके मनमानी दरों पर दे रही है और अपने कमीशन के रूप में भारी रकम वापिस ले रही है। ऐसा तब किया जा रहा है कि जब राज्य में ऐसी रैलियां आयोजित करने के लिए बड़े-बड़े शेड उपलब्ध हैं।’’ बादल ने कहा कि केवल स्वंतत्र जांच से ही इस घोटाला उजागर हो सकता है और उन्होंने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से स्वतंत्र जांच का आदेश देने का आग्रह किया ताकि आम आदमी पार्टी से भ्रष्टाचार में मिले पैसों को वसूला जा सके।
