हरियाणा नगरपालिका कर्मचारी संघ भी आंदोलन में उतरा, 16 को वर्क सस्पेंड, 1-2 मई को राज्यस्तरीय हड़ताल

चंडीगढ़। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने सरकार की कथित कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री और महासचिव मांगेराम तिगरा ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि सरकार के मांगों एवं समस्याओं के प्रति लगातार उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण कर्मचारियों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। संघ ने अग्निशमन (फायर) कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन करते हुए 16 अप्रैल को पूरे प्रदेश में 3 घंटे का “वर्क सस्पेंड” (काम बंद) करने का निर्णय लिया है। यह कदम सरकार को चेतावनी देने के लिए उठाया जा रहा है। इसके बाद 20-21 अप्रैल को काले बैज लगाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और 24-25 अप्रैल को उलटा झाड़ू प्रदर्शन, फिर 27-28 अप्रैल को क्रमिक भूख हड़ताल की जाएगी। संघ ने 1-2 मई को दो दिवसीय राज्यस्तरीय हड़ताल का ऐलान भी किया है।
शास्त्री ने आरोप लगाया कि 13 वर्षों से सफाई व सीवर कर्मचारियों की स्थायी भर्ती नहीं की गई है। वहीं, लंबे समय से कार्यरत कच्चे कर्मचारियों के वेतन में भी कोई ठोस वृद्धि नहीं हुई। उन्होंने कहा कि ग्रुप-डी भर्तियों में भी सफाई कर्मचारियों को लगातार बाहर रखा जा रहा है, जिससे सरकार की मंशा साफ झलकती है कि सफाई कार्य को स्थायी रोजगार से हटाकर ठेका व दैनिक मजदूरी प्रणाली पर ले जाया जाए। संघ की प्रमुख मांगों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सफाई व सीवर कर्मचारियों की स्थायी भर्ती तुरंत की जाए, कच्चे कर्मचारियों को पक्का (नियमित) किया जाए, “समान काम, समान वेतन” नियम लागू किया जाए, न्यूनतम वेतन में महंगाई के अनुसार बढ़ोतरी की जाए, ठेका प्रथा समाप्त कर स्थायी रोजगार सुनिश्चित किया जाए, सफाई कर्मचारियों को ग्रुप-डी भर्तियों में शामिल किया जाए और कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा व अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाए। शास्त्री ने कहा कि सरकार द्वारा किए गए वेतन व अन्य लाभों के वादे पूरे नहीं किए गए, जिससे कर्मचारियों का विश्वास पूरी तरह टूट चुका है। उन्होंने मानेसर के मजदूरों पर हुए लाठीचार्ज की भी कड़ी निंदा की।

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