पंजाब के पानी को बचाने के लिए आंदोलन की जरूरत : परगट सिंह

चंडीगढ़। पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक परगट सिंह ने पंजाब में पीने लायक पानी की कमी और घटते भूजल को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि आज पंजाबियों को पीने के लिए जो पानी मिल रहा है, वह इतना घातक है कि कैंसर और काला पीलिया जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बन रहा है।
परगट सिंह मंगलवार को चंडीगढ़ में भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) की तरफ से पानी के मुद्दे पर आयोजित वर्कशॉप में बतौर मुख्यवक्ता पहुंचे थे। उन्होंने पंजाब के लोगों और पानी बचाने के लिए एकजुट आंदोलन का आह्वान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब का पानी राजस्थान मुफ्त में लेकर खुद मोटी कमाई कर रहा है। परगट सिंह ने कहा कि इस समय पंजाब के पानी में यूरेनियम, फ्लोराइड, लैड, जहरीले तत्व, भारी धातुएं और नाइट्रेट जैसे खतरनाक धातुओं का पाया जाना खतरनाक है, जिस कारण पंजाब में कैंसर, काला पीलिया जैसी बीमारियां घर-घर पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि एक रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब में हर रोज 68 मौतें कैंसर से हो रही हैं। राज्य का हर चौथा व्यक्ति अपने अंदर कैंसर लेकर घूम रहा है।
परगट सिंह ने कहा कि पहले यह तय करना होगा कि तीनों दरियाओं के पानी का मालिक अकेले पंजाब को माना जाना चाहिए। तभी हम हर घर और हर क्षेत्र के लिए पानी यकीनी बना सकेंगे। फिर, अगर पानी बचेगा तो दूसरे राज्यों को पानी जरूर देंगे, लेकिन उसकी कीमत तय करके। जैसे हिमाचल प्रदेश ने अपने हिस्से का पानी दिल्ली को 21 करोड़ रुपए सालाना के हिसाब से 25 साल के लिए बेचा है। इसकी कीमत महंगाई के अनुसार बढ़ाई जाती रहेगी। वहीं पंजाब का पानी संविधान का उल्लंघन करते हुए राजस्थान को बिना किसी कीमत पर दिया जा रहा है। पंजाब से मुफ्त में पानी लेकर राजस्थान बाडमेर की रिफाइनरी से पानी की कीमत के तौर पर हर साल 1600 करोड़ रुपए वसूल रहा है। राजस्थान की हर इंडस्ट्री से पानी सप्लाई के लिए दो रुपए प्रति लीटर वसूला जा रहा है। पानी पंजाब का, कमाई राजस्थान कर रहा है।

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