13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र, बेअदबी के खिलाफ आएगा सख्त कानून

अमृतसर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को घोषणा की कि पंजाब सरकार जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2008 में संशोधन करने और ‘बेअदबी’ के खिलाफ सख्त कानून लाने के लिए 13 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कानून में कठोर दंड, भारी जुर्माना, संपत्ति की ज़ब्ती और डिजिटल सामग्री के माध्यम से किए गए अपराधों को शामिल किया जाएगा, जिसका मसौदा संत समाज और कानूनी विशेषज्ञों के परामर्श से तैयार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘बेदबी’ के दोषी किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
संत समाज के सदस्यों और धार्मिक नेताओं के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “खालसा साजना दिवस के अवसर पर यह सत्र आयोजित किया जाएगा और संत समाज व कानूनी विशेषज्ञों के परामर्श से इस अधिनियम का मसौदा तैयार किया जाएगा। इस जघन्य अपराध के दोषियों को अनुकरणीय दंड सुनिश्चित करने के लिए इस कानून का मसौदा तैयार करते समय देश भर के प्रख्यात वकीलों की राय भी ली जाएगी।” मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्र के दौरान पंजाब सरकार द्वारा अधिनियमित जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2008 में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे, ताकि श्री गुरु ग्रंथ साहिब और अन्य धार्मिक ग्रंथों की ‘बेअदबी’ को रोकने के लिए एक मजबूत और व्यापक कानून पेश किया जा सके। मुख्यमंत्री ने संत समाज, विभिन्न संप्रदायों, टकसालों, निहंग सिंह समूहों, उदासी संप्रदायों, निर्मला संप्रदायों, कार सेवा समूहों, रागी और कथावाचकों को आमंत्रित करते हुए उनसे विशेष सत्र में भाग लेने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा,“विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवा और विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर जल्द ही समाना जाकर गुरजीत सिंह खालसा को अपना विरोध समाप्त करने के लिए मनाएंगे और उन्हें विशेष विधानसभा सत्र में भी आमंत्रित करेंगे। पंजाब सरकार संत समाज और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करती है और ऐसा सख्त कानून लाने के लिए प्रतिबद्ध है जो किसी भी उपद्रवी तत्व को ‘बेअदबी’ जैसी हरकतें करने से रोकेगा।” मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कानून में कड़ी सजा, भारी जुर्माना और यहां तक ​​कि आरोपियों की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान होगा। उन्होंने आगे कहा, “नया कानून डिजिटल माध्यमों से की जाने वाली ‘बेअदबी’ को भी कवर करेगा। पंजाब सरकार धार्मिक ग्रंथों की ‘बेअदबी’ की घटनाओं को रोकने के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रही है।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने संत समाज को आश्वासन दिया कि सरकार सभी की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करती है और ‘बेअदबी’ के दोषी किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

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