चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने संगरूर ज़िले के देह कलां गांव में एक सीमेंट प्लांट लगाने के उद्देश्य से दी गई सीएलयू (चेंज आफ लैंड यूज) की अनुमति को औपचारिक रूप से रद्द कर दिया है। इसके तहत खेती की ज़मीन को औद्योगिक इस्तेमाल में लाने की अनुमति दी गई थी। यह सीएलयू पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार के समय दिसंबर 2021 में किया गया था। लेकिन सीमेंट प्लांट लगाने का जाने का भारी विरोध स्थानीय स्तर पर शुरू हो गया था। सरकार के फैसले को पहले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई लेकिन हाईकोर्ट ने सीएलयू के सही ठहराते हुए इस संबंधी याचिका को खारिज कर दिया था। बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने फरवरी 2026 को फैसला सुनाते हुए सीमेंट प्लांट के लिए जारी सीएलयू को रद्द कर दिया। इससे याचिकाकर्ताओं को बड़ी राहत मिली थी और राज्य सरकार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने का दबाव बढ़ गया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार के ‘टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग’ के वरिष्ठ नगर योजनाकार ने प्रस्तावित प्रोजेक्ट के लिए जारी सीएलयू को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है।

