आढ़तियों का 2.5 फीसदी कमीशन तय करने का मुददा केंद्र के समक्ष न उठाने के लिए मुख्यमंत्री की आलोचना
नाभा। शिरोमणी अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मालवा क्षेत्र में हाल ही में हुई ओलावृष्टि से तबाह हुई गेंहू की फसल के लिए 50 हजार रूपये प्रति एकड़ का मुआवजा जारी करने की मांग की और कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) ने अपने 2022 के घोषणा पत्र में किसानों से यह वादा किया था। इस मौके पर उनके साथ डा. दलजीत सिंह चीमा, हीरा सिंह गाबड़िया, गुरप्रीत सिंह राजुखन्ना, कबीर दास, सुरजीत सिंह गढ़ी, जसपाल सिंह बिटटू चटठा, सरबजीत सिंह झिंझर, अमित राठी, अमनिंदर बजाज, जगमीत सिंह हरयाऊ, अर्शदीप सिंह कलेर, तेजिंदर सिंह संधू भी मौजूद रहे।
हलका इंचार्ज मक्खन सिंह लालका के साथ पार्टी की पंजाब बचाओ अभियान के तहत एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने कहा,‘‘किसान परेशानी में हैं। मुझे पूरे राज्य से किसानों के फोन आ रहे हैं कि उन्हें पिछले साल आई विनाशकारी बाढ़ में धान की फसल को हुए नुकसान के लिए एक भी रूपया नहीं दिया गया। अब किसान बठिंडा, मानसा, फाजिल्का और श्री मुक्तसर साहिब जिलों में खड़ी गेंहू की फसलों के व्यापक नुकसान के लिए मुआवजे की अपील कर रहे हैं।’’ बादल ने कहा कि आप सरकार ने पिछले चार सालों से किसानों को कुछ भी नहीं दिया है। उन्होंने कहा,‘‘अगर कुछ और नहीं तो उन्हें कम से कम चुनावी घोषणा पत्र में किए वादे के तहत 50 हजार रूपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा जारी करना चाहिए।’’

बादल ने आढ़ती समुदाय को पेश आ रही समस्याओं के बारे में कहा,‘‘अकाली दल का मकसद आढ़तिया समुदाय के लिए गेंहू और धान के एमएसपी पर 2.5 फीसदी कमीशन की बहाली है। मंडियों में आढ़तियों की बढ़ती परिचालन लागत को कवर करने के लिए यह बेहद जरूरी है।’’ अकाली दल अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री मान की निंदा करते हुए कहा कि उन्होंने केंद्र के सामने इस मुददे को मजबूती से नहीं उठाया और आढ़तिया समुदाय को न्याय दिलाने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं आश्वासन देता हूं कि अकाली दल की सरकार बनने पर हम इस कमीशन की बहाली करने की हर संभव कोशिश करेंगें।
किसानों पर लाठीचार्ज की निंदा
बादल ने शनिवार को मोगा में उनसे मिलने आए किसानों पर लाठीचार्ज का आदेश देने के लिए मुख्यमंत्री की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा,‘‘यह साफ है कि मुख्यमंत्री उन किसानों के सवालों का सामना करने से डरते हैं जो आज उनकी रैली वाली जगह पर एकत्र हुए थे और यह पूछना चाहते थे कि शंभू-खनौरी में आम आदमी पार्टी के विधायकों और नेताओं ने उनकी ट्रालियां क्यों चुराई और इस मामले में कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। पिछले साल विनाशकारी बाढ़ में खड़ी धान की फसल के नुकसान के लिए किसानों को मुआवजा क्यों नहीं दिया जा रहा?’’ उन्होंने कहा कि किसानों की बात सुनने के बजाय मुख्यमंत्री ने कायरतापूर्ण पुलिस को उन किसानों पर लाठीचार्ज करने का आदेश दिया।
राघव चड्ढा के साथ ओर नेता भी आप छोड़ेंगे
पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए बादल ने कहा कि राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी से अलग होने ही वाले हैं, और साथ ही कई अन्य नेता भी जल्द ही पार्टी छोड़ देंगें। उन्होंने कहा,‘‘सब जानते हैं कि आम आदमी पार्टी डूबती हुई नैया है और इसके नेताओं को भी यह एहसास है कि उन्होने लोगों को धोखा देने के अलावा कुछ भी नही किया है।’’
