पंजाब में घटी पराली की आग, पीपीसीबी को मिला 2025 का स्कॉच सिल्वर अवार्ड

चंडीगढ़। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) को उसके प्रोजेक्ट “संकट से सफलता तक – पंजाब की स्वच्छ हवा परिवर्तन यात्रा” के लिए पर्यावरण श्रेणी में स्कॉच सिल्वर अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित 107वें स्कॉच समिट ‘गवर्नेंस ट्रांसफॉर्म्ड’ के दौरान प्रदान किया गया। बीते पांच वर्षों में पंजाब ने पराली जलाने की समस्या के समाधान के लिए बहु-विभागीय प्रयासों के माध्यम से उल्लेखनीय प्रगति की है। इसमें रियल-टाइम मॉनिटरिंग और सख्त अनुपालन के साथ-साथ दीर्घकालिक संरचनात्मक उपाय शामिल हैं, जैसे कि सीआरएम मशीनरी की बड़े पैमाने पर तैनाती, कस्टम हायरिंग सेंटरों को मजबूत करना, तथा धान की पराली के बाहरी उपयोग में वृद्धि—जो 8.8 लाख टन से बढ़कर 40 लाख टन वार्षिक हो गया है।

पीपीसीबी की चेयरपर्सन रीना गुप्ता ने कहा, “हम इस राष्ट्रीय स्तर की मान्यता प्राप्त कर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह पंजाब सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत एक जटिल पर्यावरणीय चुनौती का समाधान किया जा रहा है।” पंजाब राज्य भविष्य में इस दिशा में और बेहतर उपलब्धियां हासिल करने तथा पराली जलाने की प्रवृत्ति को पूरी तरह समाप्त करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहा है। स्कॉच अवॉर्ड एक जटिल मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद प्रदान किया जाता है, जिसमें प्रस्तुतियां, विषय विशेषज्ञों द्वारा मूल्यांकन और सार्वजनिक मतदान शामिल होते हैं।

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