चंडीगढ़। तिब्बत की आज़ादी की मांग को लेकर तिब्बतन यूथ कांग्रेस (टीवाईसी) के बैनर तले हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित तिब्बत की निर्वासित सरकार के मुख्यालय मैकलोडगंज से शुरु हुई पदयात्रा, जिसे ब्लैक हैट मार्च नाम दिया गया है, रविवार को चंडीगढ़ पहुंची। यात्रा में शामिल सभी लोग दलाईलामा के अनुनायी हैं और नई दिल्ली स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय तक पैदल मार्च कर रहे हैं। रविवार को यात्रा में शामिल लोगों ने चंडीगढ़ में पंजाब विश्वविद्यालय से सेक्टर-17 प्लाजा तक मार्च किया और तिब्बत की आजादी के लिए नारे लगाए।
टीवाईसी के अध्यक्ष त्सेरिंग चोम्फेल गोलोग ने बताया कि ब्लैक हैट पदयात्रा चीन द्वारा तिब्बत पर अवैध कब्जे और तिब्बती पहचान को जड़ से मिटाने के निरंतर प्रयास के खिलाफ विरोध प्रदर्शन है। जातीय एकता कानून जैसी नीतियों, औपनिवेशिक बोर्डिंग स्कूलों और तिब्बती भाषा पर चीनी भाषा के जबरन प्रभुत्व के माध्यम से, तिब्बती नागरिक अपनी मूल संस्कृति, भाषा और विरासत के जानबूझकर और व्यवस्थित विनाश का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ये ब्लैक हैट पदयात्रा दिल्ली स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय तक जानी है। प्रदर्शनकारी जबरन आत्मसात्करण (असिमिलेशन) बंद करो, जातीय एकता कानून रद्द करो, आवाज़ उठाओ, पेंचेन लामा और सभी राजनीतिक कैदियों को रिहा करो, तिब्बत संसाधनों के दोहन का उपनिवेश नहीं है, इसके पर्यावरण विनाश को रोको और भारत जिंदाबाद एवं भारत का धन्यवाद के नारे भी लगा रहे थे।
तिब्बत की आज़ादी की मांग को लेकर मैकलोडगंज से शुरु ब्लैक हैट पद यात्रा चंडीगढ़ पहुंची
