पंजाब एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ने संकट बढ़ने की जताई चिंता
कहा- तेल कंपनियों ने बिना तैयारी व संवाद के उठाया कदम
दावे खोखले, अनियमित आपूर्ति से जूझ रहे हैं डिस्ट्रीब्यूटर्स
चंडीगढ़। पंजाब में एलपीजी आपूर्ति को लेकर पैदा हुए संकट पर, फेडरेशन ऑफ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ पंजाब (एफएलडीपी) ने मंगलवार को प्रेस वार्ता के जरिए जमीनी हकीकत सामने रखी। फेडरेशन ने आरोप लगाया कि तेल विपणन कंपनियों द्वारा अचानक एलपीजी की कीमतों में की गई भारी बढ़ोतरी, वितरण के नए सख्त नियम, सिलेंडर बुकिंग चैनलों को अचानक बंद करने से उपभोक्ताओं में घबराहट फैल गई।
चंडीगढ़ प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता के दौरान फेडरेशन के अध्यक्ष गुरपाल सिंह मान ने कहा कि अचानक ही घरेलू सिलेंडर के दाम 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 115 रुपये तक बढ़ा दिए गए। उन्होंने कहा कि बिना पर्याप्त तैयारी और क्लीयर काम्युनिकेशन के अभाव में लिए गए इस फैसले से उपभोक्ताओं के बीच एलपीजी की संभावित कमी की आशंका बढ़ गई। फेडरेशन ने जोर देकर कहा कि सरकारी दावों के बावजूद राज्यभर में डिस्ट्रीब्यूटर्स को बैकलॉग और अनियमित आपूर्ति की समस्या से जूझना पड़ रहा है, जिससे उपभोक्ताओं के बीच भ्रम और चिंता को और बढ़ा दिया है।
फेडरेशन ने आगे बताया कि शहरी उपभोक्ताओं के लिए 25 दिन और ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए 45 दिन के बीच ही बुकिंग की अनुमति, साथ ही 3-4 दिनों तक बुकिंग चैनलों का अस्थायी बंद रहना, लंबित बुकिंग्स में भारी वृद्धि का कारण बना है। इस बीच, डिस्ट्रीब्यूटर्स पर उपभोक्ताओं का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जबकि बॉटलिंग प्लांट्स से आपूर्ति मांग के अनुरूप नहीं हो पा रही है। फेडरेशन ने नीति-निर्माताओं और जमीनी स्तर के स्टेकहोल्डर्स के बीच पूरी तरह से संवादहीनता (लैक ऑफ डायलॉग्स) पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि डिस्ट्रीब्यूटर्स को न तो निर्णय प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है और न ही उपभोक्ताओं की वास्तविक समस्याओं को समझने का कोई प्रभावी तंत्र मौजूद है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए फेडरेशन ने तुरंत और प्रभावी हस्तक्षेप की मांग की है।
