नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को पांच मंजिला इमारत ढहने की दुखद घटना में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद प्रशासन ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, मृतकों में एक छात्र और एक मजदूर शामिल हैं, जबकि चार मृतकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। राहत और बचाव अभियान के दौरान 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। जिस इमारत में हॉस्टल संचालित हो रहा था, वह करीब 40 से 50 वर्ष पुरानी बताई जा रही है।
रविवार होने के कारण, हादसे के समय ज्यादातर छात्र अपने कमरों में मौजूद थे। इमारत के बेसमेंट में पानी जमा होने के साथ ही वहां खुदाई का काम भी चल रहा था। हालांकि, इमारत गिरने की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस ने इमारत के मालिक आनंद बंसल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और लापरवाही समेत संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। हादसे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिम्मेदारी तय करने और सुरक्षा मानकों की जांच की मांग की है।
‘हॉस्टल डेज़’ नाम की इस बिल्डिंग में लगभग 30 कमरे थे और हर कमरे में दो से तीन छात्रों को ठहराने की व्यवस्था थी। इस घटना ने रिहायशी बिल्डिंग का इस्तेमाल कमर्शियल कामों के लिए करने और क्या सुरक्षा के ज़रूरी इंतज़ाम किए गए थे, इन बातों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
