समय पर हो जाएगी 5.09 लाख बारदाने की व्यवस्था
आरबीआई को भेजा सीसीएल का प्रस्ताव जल्द होगा मंजूर
इस वर्ष 180 लाख मीट्रिक टन धान आने की संभावना
दूसरे राज्यों से आने वाले धान को कड़ी निगरानी से रोकेंगे
बिना देरी एक-एक दाने की खरीद और उठान सुनिश्चित करेंगे
चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने आगामी ख़रीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के दौरान धान की सुचारू, निर्बाध और समयबद्ध खरीद सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं। इसी उद्देश्य के तहत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सभी संबंधित विभागों और खरीद एजेंसियों को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। इन तैयारियों का जायजा लेने के लिए उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब के किसानों के खून-पसीने और मेहनत से पैदा किए गए धान के एक-एक दाने की बिना किसी देरी के खरीद और उठान सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री मान ने कहा, “आगामी खरीद सीजन के दौरान 5.09 लाख बारदाने की आवश्यकता होगी और इसकी उपलब्धता के लिए पहले ही प्रबंध कर लिए गए हैं। आवश्यक बारदाने की समय पर व्यवस्था की जाएगी, ताकि खरीद के दौरान धान की भराई में किसी प्रकार की कठिनाई न आए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कैश क्रेडिट लिमिट (सी.सी.एल.) के लिए पहले ही भारतीय रिजर्व बैंक (आर.बी.आई.) को प्रस्ताव भेज दिया है। हम भारतीय स्टेट बैंक और आर.बी.आई. के साथ लगातार संपर्क में हैं और जल्द ही सी.सी.एल. मिलने की संभावना है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2026-27 के सीजन के दौरान पंजाब में लगभग 180 लाख मीट्रिक टन धान आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि डिप्टी कमिश्नरों, सी.पी., एस.एस.पी., मंडी बोर्ड और पुलिस विभाग को कड़ी निगरानी रखने तथा दूसरे राज्यों से पंजाब में धान की आमद को प्रभावी ढंग से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा, “पिछले चार वर्षों के दौरान किसानों को अपना अनाज बेचने में कभी भी किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा और इसी व्यवस्था को आगे भी कायम रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि पंजाब के किसानों को मंडियों में अपनी फसल बेचने के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से पूरी खरीद प्रक्रिया की निगरानी करूंगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।”
बैठक में मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राहुल तिवारी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निदेशक वरिंदर शर्मा भी उपस्थित थे।
