एसके ट्राइसिटी मैराथन का चंडीगढ़ में आयोजन 27 को
प्रशासक गुलाबचंद कटारिया मैराथन को करेंगे फ्लैग ऑफ
चंडीगढ़। फिटनेस के साथ अब ट्राईसिटी चंडीगढ़ डिजिटल फ्रॉड और साइबर क्राइम के खिलाफ भी दौड़ेगा। लोगों को ऑनलाइन ठगी, डिजिटल फ्रॉड और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एसके ट्राई-सिटी मैराथन का आयोजन 27 सितंबर को किया जाएगा। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने मैराथन को फ्लैग ऑफ करने के लिए अपनी सहमति दी है।
मैराथन का आयोजन संस्कृति युवा संस्था और आईआईएमआर इंस्टीट्यूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट की ओर से एसके फाइनेंस के सहयोग से किया जा रहा है। आयोजक मुकेश मिश्रा ने बताया कि मैराथन का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के साथ-साथ बढ़ते डिजिटल फ्रॉड और साइबर क्राइम के प्रति सतर्क करना है। सर्व ब्राह्मण महासभा के एग्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट दीपक शर्मा ने बताया कि मैराथन के माध्यम से फिटनेस के साथ एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
अलग-अलग कैटेगरी में होगी दौड़
मैराथन में प्रतिभागियों के लिए अलग-अलग रन कैटेगरी रखी गई हैं, ताकि बच्चे, युवा, वरिष्ठ नागरिक और फिटनेस प्रेमी अपनी क्षमता के अनुसार इसमें हिस्सा ले सकें। 3 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 21 किलोमीटर की रन कैटेगरी के साथ प्रतिभागियों को जागरूकता अभियान से जुड़ने का अवसर मिलेगा। आयोजकों के अनुसार प्रत्येक कैटेगरी का उद्देश्य प्रतिस्पर्धा के साथ फिटनेस और साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।
13 सितंबर को प्रोमो रन
मैराथन से पहले 13 सितंबर को लेक वॉकवे पर प्रोमो रन आयोजित की जाएगी। इसके जरिए लोगों को मैराथन से जोड़ने के साथ डिजिटल सुरक्षा का संदेश भी दिया जाएगा। आयोजकों का प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग इस जागरूकता अभियान का हिस्सा बनें और ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए जरूरी सावधानियों को समझें।
27 सितंबर को मुख्य मैराथन
मुख्य मैराथन 27 सितंबर को चंडीगढ़ क्लब से शुरू होगी । मैराथन के दौरान डिजिटल फ्रॉड से बचाव, साइबर अपराधों के प्रति सतर्कता और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को लेकर जागरूकता संदेश भी दिए जाएंगे। आयोजकों ने ट्राईसिटी के लोगों से अपील की है कि वे इस अभियान से जुड़कर “दौड़ें भी और डिजिटल फ्रॉड के खिलाफ जागरूक भी करें।”
