चंडीगढ़ में संपत्ति खरीदना हुआ ओर महंगा

प्रशासन की नई क्लेटर दरें एक अप्रैल से होंगी लागू

इंडिपेंडेंट और हाउसिंग बोर्ड के प्लाट/मकान हुए महंगे

व्यापारिक और औद्योगिक भूमि के दाम भी बढ़ेंगे

चंडीगढ़ के गांवों की कृषि भूमि भी हुई ओर महंगी

चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन ने गुरुवार को संपत्तियों के लिए नए कलेक्टर रेट जारी कर दिए हैं, जो 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होंगे। हालांकि डीसी कार्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक और कृषि भूमि की दरों में औसतन 5 से 7 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। फिर भी, नई दरें लागू होने के साथ ही यूटी चंडीगढ़ में किसी भी तरह की संपत्ति खरीदना महंगा हो जाएगा।
डीसी निशांत कुमार यादव की अध्यक्षता में गठित 10 सदस्यीय समिति, जिसमें एस्टेट कार्यालय, यूटी राजस्व विभाग और वास्तुकार विभाग के सदस्य शामिल हैं, द्वारा नई क्लेक्टर दरों की गणना और निर्धारण किया गया है। समिति की सिफारिशों के अनुसार, चंडीगढ़ प्रशासन ने सभी श्रेणियों में कलेक्टर दरों में वृद्धि की है। सबसे तेज वृद्धि आवासीय श्रेणी में दिखाई दे रही है, जिसमें खाली प्लाटों के लिए कलेक्टर दर में 33 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है, जबकि हाउसिंग बोर्ड के फ्लैटों के लिए यह वृद्धि 25 प्रतिशत तक है। सोसाइटी फ्लैटों के लिए यह वृद्धि 15 प्रतिशत तक हुई है। आवासीय श्रेणी में सबसे ज्यादा कीमतें सेक्टर 1-12 में रहेंगी, जबकि इसके बाद के सेक्टरों में क्लेक्टर दरें अपेक्षाकृत कम हैं।

नई अधिसूचना के अनुसार, शहर के पॉश इलाकों में संपत्ति की क्लेक्टर दरों में भारी उछाल आएगा-
सेक्टर 1-12: पुरानी दर 1,78,600 रुपये से बढ़कर अब 2,37,900 रुपये प्रति वर्ग गज।
सेक्टर 14-37: पुरानी दरें 1,47,600 रुपये से बढ़कर अब 1,81,300 रुपये प्रति वर्ग गज।
सेक्टर 38 और उसके आगे : पुरानी दरें 1,28,200 रुपये से बढ़कर अब 1,33,200 रुपये प्रति वर्ग गज।
इंडिपेंडेंट आवासीय इकाई : पुरानी दरें 1,26,400 रुपये से बढ़कर अब 1,53,900 रुपये प्रति वर्ग गज।
कॉर्नर प्लॉट: इन प्लॉटों के लिए खरीददारों को 5 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) फ्लैटों के लिए दरें मंजिलों के अनुसार निर्धारित की गई हैं-
ग्राउंड फ्लोर: अब 9,300 रुपये प्रति वर्ग फुट।
पहली मंजिल: अब 7,490 रुपये प्रति वर्ग फुट।
दूसरी मंजिल: अब 6,810 रुपये प्रति वर्ग फुट।
तीसरी मंजिल और उससे ऊपर: अब 5,800 रुपये प्रति वर्ग फुट।

औद्योगिक मकानों के लिए नई दरें-
ग्राउंड फ्लोर : अब 8,060 रुपये प्रति वर्ग फुट।
पहली मंजिल : अब 5,800 रुपये प्रति वर्ग फुट।
दूसरी मंजिल : अब 5,700 रुपये प्रति वर्ग फुट।

को-आपरेटिव हाउसिंग सोसायटीज व अन्य सोसायटीज के लिए नई दरें इस प्रकार हैं-
ग्राउंड फ्लोर : अब 9,650 रुपये प्रति वर्ग फुट।
पहली मंजिल : अब 10,220 रुपये प्रति वर्ग फुट।
दूसरी मंजिल : अब 9,140 रुपये प्रति वर्ग फुट।
तीसरी मंजिल और उससे ऊपर: अब 7,900 रुपये प्रति वर्ग फुट।

मनीमाजरा (उपल्स हाउसिंग): अब 13,850 रुपये प्रति वर्ग फुट।

व्यापारिक और औद्योगिक दरें-
सेक्टर-17 में एससीओ और एससीएफ की दरें 5,92,200 रुपये प्रति वर्ग गज।
फेज-1 और फेज-2 औद्योगिक क्षेत्रों के लिए दर 86,000 रुपये प्रति वर्ग गज।
फेज-3 के लिए दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वे 62,600 रुपये पर स्थिर हैं।
एलांटे मॉल और आसपास के कार्यालयों के भूतल का किराया 50,900 रुपये प्रति वर्ग फुट तय किया गया है।

CHD collector rate 2026

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