शिअद की मेनिफेस्टो कमेटी ने पार्टी के अलग-अलग विंगों से सुझाव लिए

चंडीगढ़। शिरोमणी अकाली दल (शिअद) की मेनिफेस्टो कमेटी ने शुक्रवार को घोषणा की  कि वह अपने घोषणा पत्र में केवल उन सुझावों को शामिल करेगी , जिन्हें लागू किया जा सकता हो और इसे एक कानूनी दस्तावेज के रूप में माना जाएगा।
इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कमेटी मैंबर सचिव डा. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि कमेटी ने पार्टी के चेयरमैन सरदार बलविंदर सिंह भूंदड़ की अध्यक्षता में पार्टी के अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग और बाजीगर फ्रंट विंग से सुझाव लिए थे। डा. चीमा ने कहा कि विभिन्न विंगों के प्रतिनिधियों ने कमेटी से अलग-अलग मुलाकात की और प्रत्येक मुददे पर विस्तार से चर्चा करने के अलावा लिखित रूप में अपने सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि बीसी विंग के प्रधान हीरा सिंह गाबड़िया और बाजीगर फ्रंट के चेयरमैन दविंदर सिंह दयाल समेत वरिष्ठ नेताओं ने मीटिंग में भाग लिया और अपने सुझाव दिए। उन्होंने कहा,‘‘पूर्व विधायक और जिलाध्यक्ष भी मीटिंग में मौजूद थे।’’
यह कहते हुए कि मेनिफेस्टो कमेटी पार्टी की महिलाओं, नौजवानों, व्यापारियों, एनआरआई और कर्मचारी मोर्चे और किसानों से भी फीडबैक लेगी, डा. चीमा ने कहा,‘‘हम राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि आम आदमी की भावनाओं को भी इसमें दर्ज किया जा सके।’’ उन्होंने कहा कि पार्टी ने यह विस्तृत प्रक्रिया इसीलिए शुरू की है क्योंकि पंजाबियों को लगता है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों ने घोषणापत्र जारी करके उन्हें धोखा दिया है, जो केवल कागजों पर ही रह गए। उन्होंने कहा,‘‘हम अपने घोषणापत्र के प्रत्येक खंड को लागू करने के लिए वचनबद्ध हैं और यही कारण है कि हम हर सुझाव के साथ-साथ उसके वित्तीय दायित्व पर भी चर्चा कर रहे हैं।’’

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