श्री अकाल तख्त साहिब, एसजीपीसी, तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदारों ने जताई चिंता
अमृतसर। पंजाब के लुधियाना ज़िले के आलमगीर में ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब पातशाही दसवीं के लंगर हॉल पर लोगों के एक समूह द्वारा ईंट-पत्थरों से किए गए हमले की सिख नेताओं ने कड़ी निंदा की है। श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज, तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह और एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने इस घटना के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने बताया गया कि गुरुद्वारे के एडमिनिस्ट्रेटर, स्थानीय शिरोमणि कमेटी के सदस्यों और सिख नेताओं ने आरोपी को जेल भिजवा दिया है और कब्ज़े वाली जगह को खाली करवा लिया है; हालाँकि, इस घटना के पीछे की सोच पंजाब में सांप्रदायिक सद्भाव के लिहाज़ से चिंता का विषय है। राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई बाहरी व्यक्ति अवैध कब्ज़ा न करे। उन्होंने इसे लुधियाना ज़िला प्रशासन की एक बड़ी चूक बताया।
जत्थेदार गरगज ने शिरोमणि कमेटी से एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर व पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, उन्होंने पंजाब सरकार के मुख्य सचिव से भी बात की है और ऐतिहासिक गुरुद्वारों के पास अवैध कब्ज़ों को रोकने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारों में हर ज़रूरतमंद व्यक्ति को लंगर परोसा जाता है, लेकिन अगर कोई हमला करता है, तो सिख इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
इस बीच, एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने आलमगीर स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारे के लंगर हॉल में हुई घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि जिस जगह पर गुरु का लंगर की सेवा होती है, उसे निशाना बनाना बेहद गंभीर मामला है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। गुरुद्वारे श्रद्धालुओं के लिए आस्था और समानता के केंद्र हैं। धामी ने स्थानीय प्रतिनिधि और मैनेजर को निर्देश जारी किए हैं। साथ ही पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है।
अमृतसर। पंजाब के लुधियाना ज़िले के आलमगीर में ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब पातशाही दसवीं के लंगर हॉल पर लोगों के एक समूह द्वारा ईंट-पत्थरों से किए गए हमले की सिख नेताओं ने कड़ी निंदा की है। श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज, तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह और एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने इस घटना के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने बताया गया कि गुरुद्वारे के एडमिनिस्ट्रेटर, स्थानीय शिरोमणि कमेटी के सदस्यों और सिख नेताओं ने आरोपी को जेल भिजवा दिया है और कब्ज़े वाली जगह को खाली करवा लिया है; हालाँकि, इस घटना के पीछे की सोच पंजाब में सांप्रदायिक सद्भाव के लिहाज़ से चिंता का विषय है। राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई बाहरी व्यक्ति अवैध कब्ज़ा न करे। उन्होंने इसे लुधियाना ज़िला प्रशासन की एक बड़ी चूक बताया।
जत्थेदार गरगज ने शिरोमणि कमेटी से एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर व पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, उन्होंने पंजाब सरकार के मुख्य सचिव से भी बात की है और ऐतिहासिक गुरुद्वारों के पास अवैध कब्ज़ों को रोकने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारों में हर ज़रूरतमंद व्यक्ति को लंगर परोसा जाता है, लेकिन अगर कोई हमला करता है, तो सिख इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
इस बीच, एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने आलमगीर स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारे के लंगर हॉल में हुई घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि जिस जगह पर गुरु का लंगर की सेवा होती है, उसे निशाना बनाना बेहद गंभीर मामला है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। गुरुद्वारे श्रद्धालुओं के लिए आस्था और समानता के केंद्र हैं। धामी ने स्थानीय प्रतिनिधि और मैनेजर को निर्देश जारी किए हैं। साथ ही पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है।
