हर महिला को तीन माह की एकमुश्त किस्त के रूप में 3000 रुपये और एस.सी. महिलाओं को मिल रहे हैं 4500 रुपये
विधवा, दिव्यांग और वृद्धावस्था पेंशन ले रही महिलाओं को भी अलग से मिल रही 1000 या 1500 रुपये की मदद राशि
पठानकोट। भगवंत मान सरकार ने शनिवार को ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ के तहत 35.5 लाख महिलाओं के खातों में मासिक वित्तीय सहायता राशि स्थानांतरित कर दी। इस तरह अब तक लाभार्थियों की कुल संख्या 68.5 लाख हो गई है। पठानकोट में इस योजना के तहत आयोजित वित्तीय सहायता वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि पंजाब भर की महिलाओं को इस योजना के तहत 3000 रुपये और 4,500 रुपये के रूप में तीन महीने की संयुक्त किस्तें मिल रही हैं, जबकि विधवा, दिव्यांग और वृद्धावस्था पेंशन लेने वाली महिलाओं को राज्य में पहली बार अलग से 1000 या 1500 रुपये की यह सम्मान राशि दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले सात दिनों के दौरान अन्य 5 लाख महिलाओं ने इस योजना के तहत पंजीकरण कराया है, जिससे कुल पंजीकरण 73.5 लाख हो गया है और राज्य भर में पात्र लाभार्थियों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया अभी भी जारी है। सभा की कुछ झलकियाँ साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर लिखा- ”पंजाब की माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमने आज एक और महत्वपूर्ण वादा पूरा कर दिया है।” उन्होंने कहा कि 1 जुलाई को 33 लाख महिलाओं को मानदेय स्थानांतरित करने के बाद हमने आज अन्य 35.5 लाख महिलाओं के खातों में पैसे डाल दिए हैं। उन्होंने आगे कहा कि जिन बहनों ने बाद में फॉर्म जमा कराए हैं, उन्हें भी तीन महीने की किस्तें एक साथ मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने पोस्ट के अंत में लिखा, ”यह आपका वैध अधिकार है। अब से आपको अपनी या अपने बच्चों की जरूरतें पूरी करने के लिए किसी और पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। आम आदमी पार्टी जो वादा करती है, उसे पूरा करती है और अपनी गारंटियों को हकीकत में बदलती है। इंकलाब जिंदाबाद।”
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि उन्होंने राज्य के लोगों से किए गए सभी वादे और गारंटियाँ पूरी कर दी हैं। उन्होंने कहा, ”अब मैंने राज्य की माताओं-बहनों से किया अपना वादा पूरा कर दिया है। पिछले जुलाई महीने में मैंने 33 लाख माताओं-बहनों को यह तोहफा दिया था और आज 35.5 लाख और माताओं-बहनों को ये पैसे उनके खातों में स्थानांतरित कर दिए गए हैं।” उन्होंने बताया कि पिछले सात दिनों में ही पाँच लाख और महिलाओं ने इस योजना के तहत पंजीकरण कराया है।
