बरनाला लाठीचार्ज और पेपर लीक मामलों की जांच की मांग; अकाली दल ने राज्यपाल को सौंपे दो ज्ञापन

चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने शुक्रवार को पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से, बरनाला में अनुसूचित जाति की महिलाओं व सफाई सेवकों पर हुए कथित लाठीचार्ज की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच और राज्य में आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल के दौरान सामने आए कथित पेपर लीक मामलों की सीबीआई जांच कराने की अपील की।

शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। पहले ज्ञापन में, बरनाला की घटना की जांच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कराने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि सफाई सेवकों और अनुसूचित जाति की महिलाओं पर पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया और लोकतांत्रिक तरीके से हो रहे विरोध प्रदर्शन को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया गया।

सुखबीर बादल ने कहा कि पार्टी ने राज्यपाल से डीएसपी सतवीर सिंह बैंस सहित उन सभी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने तथा उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की मांग की है, जिन पर प्रदर्शनकारियों पर बेरहमी से लाठीचार्ज करने के आरोप हैं। उन्होंने यह भी कहा कि घायल सफाई कर्मचारियों को पर्याप्त मुआवजा, बेहतर चिकित्सा सुविधा और उनकी लंबित मांगों के समाधान के लिए सरकार को तत्काल वार्ता शुरू करनी चाहिए।

दूसरे ज्ञापन में, अकाली दल ने राज्य में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। पार्टी ने दावा किया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कई बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। पार्टी ने इन मामलों में मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, संबंधित अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों तथा अन्य व्यक्तियों की भूमिका की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही सभी डिजिटल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, सर्वर और परीक्षा संबंधी दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच तथा सभी भर्ती परीक्षाओं का व्यापक ऑडिट कराने की भी मांग की गई।

अकाली दल ने राज्यपाल को यह भी अवगत कराया कि हाल ही में फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ रिसीवर और सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए कथित तौर पर नकल का मामला सामने आया है। पार्टी का आरोप है कि पीपीएससी, नायब तहसीलदार भर्ती, पीएसईबी बोर्ड परीक्षाओं, शिक्षक पात्रता परीक्षा, आबकारी निरीक्षक भर्ती और अन्य कई परीक्षाओं में भी अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पड़ोसी राज्यों के लोगों को बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियां देकर पंजाब के युवाओं के साथ अन्याय कर रही है। प्रतिनिधिमंडल में बलविंदर सिंह भूंदड़, हीरा सिंह गाबड़िया, डॉ. दलजीत सिंह चीमा, सिकंदर सिंह मलूका, दरबारा सिंह गुरु और नरेश धींगान मौजूद रहे।

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