
चंडीगढ़। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में गुरुवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के उनके चंडीगढ़ स्थित आवास पर मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष हरियाणा के दूरदराज इलाकों में बने खरीफ को गेहूं खरीद केंद्रों को बंद करने और मार्केट कमेटियों द्वारा लाइसेंस जारी नहीं करने के चलते किसानों को फसल बेचने में आ रही कठिनाई का मुद्दा उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने खरीद केंद्रों को तुरंत शुरु करने और लाइसेंस के नवीनीकरण का काम शुरू करने की मांग संबंधी एक ज्ञापन भी मुख्यमंत्री को सौंपा।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद अभय सिंह चौटाला ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि बुढ़ापा पेंशन की तरह ही फसल खरीद केंद्रों का भी बड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक आदेश जारी कर दूरदराज के इलाकों में बने खरीफ के गेहूं खरीद केंद्रों को बंद करने और पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि इन खरीद केंद्रों की शुरुआत हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री देवीलाल ने की थी और पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने किसानों के हित में इन खरीद केंद्रों बढ़ावा दिया था। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि गेहूं खरीद केंद्र बंद होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। सरकार ने इस बार में स्थानीय गेहूं खरीद केंद्रों पर बायोमेट्रिक को अनिवार्य कर दिया है जो संभव नहीं है। बायोमेट्रिक खरीद वहां पर हो सकती है जहां पर चारदीवारी हो। उन्होंने कहा कि राज्य में 9000 लाइसेंस धारक हैं, जिससे एक लाइसेंस पर अलग अलग काम करने वाले 9 आदमियों को रोजगार मिलता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन दिया है कि खरीद केंद्रों को बंद नहीं किया जाएगा और वे इस पर अधिकारियों से बात करेंगे। चौटाला ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और हम एक हफ्ते का इंतजार करेंगे। वरना इनेलो पार्टी एक हफ्ते बाद प्रदेश में आंदोलन शुरू करेगी।
