आप के मंत्रियों, विधायकों को पार्टी प्रदेश प्रभारी का संदेश
लुधियाना। आम आदमी पार्टी (आप) के सीनियर नेता और पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने बुधवार को मंत्रियों और विधायकों को साफ संदेश दिया कि आप में उन लोगों के लिए कोई जगह नहीं है, जो नशा तस्करों से निपटने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जो कोई भी हिचकिचाता है, उसे अरविंद केजरीवाल को बदनाम करने की बजाय हट जाना चाहिए। ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ के तहत मालवा ज़ोन की एक मीटिंग के दौरान, उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई आप के राजनीतिक मिशन का केंद्र है। मीटिंग में विधायक सर्वजीत कौर मानुके, राजिंदरपाल कौर छीना, अशोक पराशर पप्पी, मदन लाल बग्गा, दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल सहित सीनियर प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।
ज़ीरो-टॉलरेंस अप्रोच को दोहराते हुए, सिसोदिया ने साफ किया कि नशे के धंधे में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, भले ही वे आप के हों। उन्होंने कहा कि पार्टी संघर्ष से शुरू हुई थी और करप्शन से निपटने का इसका ट्रैक रिकॉर्ड अब पंजाब से ड्रग्स को जड़ से खत्म करने के लिए एक निर्णायक लड़ाई की ओर ले जाएगा। उन्होंने नशा तस्करों के विरुद्ध संयुक्त कार्रवाई करने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए, कहा कि अगर हम पंजाब को नशा मुक्त बनाना चाहते हैं, तो हमें योद्धाओं की तरह लड़ना होगा। उन्होंने आगे कहा कि साफ़ निर्देश जारी किए गए हैं कि नशा तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए, चाहे उसकी राजनीतिक पहुंच कितनी भी बड़ी क्यों न हो। सिसोदिया ने कहा कि हम गुरुओं और शहीदों की धरती से संबंध रखते हैं और ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ नशों के ताबूत में आख़िरी कील साबित होगी। उन्होंने मंत्री, विधायक और हलका इंचार्ज से कहा कि वे विलेज डिफेंस कमेटियों और ग्राउंड वर्कर्स के साथ मिलकर काम करें और अपने इलाकों को नशा मुक्त बनाने की ज़िम्मेदारी लें।
इस मौके पर पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया ने भी सरकार के कड़े रुख को दोहराया। उन्होंने कहा कि बड़े तस्करों को गिरफ्तार करने और उनकी गैर-कानूनी प्रॉपर्टीज़ को ज़ब्त करने या गिराने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने लुधियाना को नशा मुक्त जिला बनाने के लिए पुलिस, सिविल प्रशासन और एनजीओज़ की संयुक्त कोशिशों का रोडमैप पेश किया। पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने कहा कि अब तक 2,500 नशा तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं और 12 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी ज़ब्त की गई है।
