चंडीगढ़। पंजाब भर में डॉ. बीआर अंबेडकर की मूर्तियों की बेअदबी और तोड़फोड़ की घटनाएं राज्य की कानून-व्यवस्था पर सीधा प्रश्नचिह्न हैं। होशियारपुर जिले के गढ़शंकर सब-डिवीजन के गांव नूरपुर जट्टां में हुई ताजा घटना इस गंभीर विफलता को और उजागर करती है। इससे साफ हो रहा है कि भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी सरकार न तो महान हस्तियों के सम्मान की रक्षा कर पाई है और न ही सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में सफल रही है।
भाजपा के पंजाब अनुसूचित जाति मोर्चा के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए मांग की है कि दोषियों की तुरंत पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त और ठोस नीतिगत कदम तुरंत लागू किए जाएं। बीते एक वर्ष के दौरान ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन हर बार कार्रवाई की कमी ने एक खतरनाक संदेश दिया है कि कानून का डर कम होता जा रहा है। यह लापरवाही न केवल बाबा साहेब के लाखों अनुयायियों की भावनाओं को आहत करती है, बल्कि सामाजिक न्याय और समानता के मूल सिद्धांतों को भी कमजोर करती है।
नूरपुर जट्टां की घटना से मान सरकार की कानून-व्यवस्था की कमजोरी उजागर : कैंथ
