दलजीत चीमा ने राज्यपाल से एसईसी चौधरी को बर्खास्त करने की अपील की
चंडीगढ़। शिरोमणी अकाली दल (शिअद) ने गुरुवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी को बर्खास्त करने का आग्रह किया क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि दिसंबर 2024 के नामांकन और उसके बाद नगरपालिका चुनाव प्रक्रिया में हिंसा, धमकी और रूकावट डालने से बुरी तरह प्रभावित हुई थी।
पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए अकाली दल के वरिष्ठ नेता डा. दलजीत सिंह चीमा ने उन सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की, जिन्होने नगर निगम चुनावों में धांधली करने में आम आदमी पार्टी सरकार की की सहायता की और उन्हें कड़ी सजा सुनिश्चित करने का आहवाहन किया। डा. चीमा ने इस बारे विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति निर्मलजीत कौर की अध्यक्षता में गठित न्यायालय द्वारा नियुक्त तथ्य-जांच आयोग ने पुष्टि की है कि विपक्षी उम्मीदवारों के साथ मारपीट की गई और उन्हें नामांकन दाखिल करने से रोका गया, या जबरन नामांकन वापिस लेने के लिए मजबूर किया गया और इसके कारण फर्जी मतदान हुआ। उन्होंने कहा,‘‘इससे हमारे दावे की पुष्टि होती है कि राज कमल चैधरी ने चुनावों को प्रभावित करने के लिए नागरिक और पुलिस मशीनरी का दुरूपयोग के संबंध में हमारे द्वारा दर्ज की गई सभी शिकायतों को अनसुना कर दिया था। अब यह बिना किसी संदेह के साबित हो गया है कि राज्य चुनाव आयुक्त ने अपने कार्यकाल में बुनियादी स्तर पर लोकतंत्र की हत्या की और उन्हें पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।’’ सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए डा. चीमा ने कहा कि शीर्ष अदालत ने पटियाला के 28 वार्डों , बाघापुराना के सभी 15 वार्डों और धर्मकोट के 7 वार्डों में एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कमेटी नियुक्त करने से यह साबित होता है कि उसे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए राज कमल चौधरी पर भरोसा नहीं है।
खा दिया गया है।
नगर निगम चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर शिअद आक्रामक
