इस्राइल के रुख से खटाई में पड़ सकता है अमेरिका-ईरान समझौता

लेबनान व सीरिया के इलाकों पर कब्जा नहीं छोड़ेगा इस्राइल
तेल अवीव। अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को होने जा रहा युद्धविराम संबंधी समझौता खटाई में पड़ने की आशंका बढ़ने लगी है। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा अमेरिका-ईरान समझौते का ऐलान किए जाने के अगले ही दिन साफ कर दिया कि भले ही अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते की घोषणा की गई हो, लेकिन लेबनान और सीरिया के इलाकों पर इज़राइल अपना कब्ज़ा बनाए रखेगा।
नेतान्याहू ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इज़राइल की सेना लेबनान में बनी रहेगी, जहां उसने लगभग 570 वर्ग किलोमीटर इलाके पर कब्ज़ा कर रखा है। नेतन्याहू ने कहा, “हम लेबनान के सुरक्षा बफ़र ज़ोन में तब तक रहेंगे, जब तक ज़रूरी होगा।” गौरतलब है कि ईरान समर्थित लेबनानी सशस्त्र समूह हिज़्बुल्लाह के साथ इस्राइल के संघर्ष में अब तक 3,000 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं। रविवार को भी उक्त समझौते के ऐलान के तुरंत बाद ही इस्राइल द्वारा बेरूत के बाहरी इलाकों पर हमला किया गया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। नेतन्याहू ने कहा है कि इस्राइल ईरान के आतंकी अंगों (हिज्बुल्लाह) को निशाना बनाना जारी रखेगा और ईरान को लेकर पूरी सतर्कता बरती जाएगी।
नेतान्याहू के इस रुख ने अमेरिका-ईरान समझौते के कमजोर रहने के संकेत दे दिए हैं, क्योंकि समझौते की घोषणा करते हुए रविवार को शहबाज शरीफ ने यह भी स्पष्ट किया था कि दोनों देशों के बीच सहमति पत्र में लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत व स्थायी तौर पर खत्म करना शामिल रहेगा।

 

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