चंडीगढ़। विदेशों में भारतीय मूल के प्रवासी समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले इंडस कनाडा फाउंडेशन (आईसीएफ) ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष कुलदीप सिंह गडगज के हालिया बयानों और कार्यप्रणाली पर चिंता जताते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। फाउंडेशन का कहना है कि इन घटनाक्रमों से सिख धार्मिक सिद्धांतों और पारंपरिक शब्दावली को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हुई है।
इस मुद्दे पर कनाडा के ओटावा से आयोजित एक वर्चुअल बैठक में चर्चा की गई, जिसमें अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया सहित विभिन्न देशों के 28 गुरुद्वारों और 17 एनआरआई के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आईसीएफ के अध्यक्ष विक्रम बाजवा ने कहा कि “गुरु दोषी” शब्द सिख धर्म में अत्यंत गंभीर धार्मिक महत्व रखता है और परंपरागत रूप से इसका संबंध गुरु ग्रंथ साहिब की मर्यादा, शिक्षाओं और सम्मान के विरुद्ध किए गए कृत्यों से माना जाता है। उनका कहना था कि तस्वीरों या समकालीन राजनीतिक विवादों के संदर्भ में इस शब्द का प्रयोग सिख मर्यादा और स्थापित धार्मिक सिद्धांतों को कमजोर कर सकता है।
बैठक में यह सवाल भी उठाया गया कि एसजीपीसी अध्यक्ष के पास सिख धर्मशास्त्र कि कौन सी धार्मिक योग्यता है? प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि एसजीपीसी प्रमुख के पास सिख दर्शन, मर्यादा और धार्मिक अध्ययन का गहन ज्ञान होना चाहिए। बैठक में यह भी कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को इस विवाद में शामिल किए जाने से एक धार्मिक मुद्दे को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग मिला है। उनका मत था कि धार्मिक संस्थाओं को ऐसे बयानों से बचना चाहिए, जिनसे निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाने या राजनीतिक संदेश देने का आभास हो। यह चिंता भी व्यक्त की गई कि ऐसे कदमों को आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले जनमत को प्रभावित करने के प्रयास के रूप में देखा जा सकता है। विक्रम बाजवा ने भाजपा, कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से भी अपील की कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एसजीपीसी में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग का समर्थन करें।
‘गुरु दोषी’ टिप्पणी पर इंडस कनाडा फाउंडेशन ने जताई आपत्ति, एसजीपीसी अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग
