चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने तख्त श्री हजूर साहिब बोर्ड के धार्मिक और प्रशासनिक मामलों में किसी भी प्रकार के अनावश्यक हस्तक्षेप पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सिख संस्थानों की स्वायत्तता (सेल्फ गवर्नेंस), धार्मिक मर्यादा और परंपराओं का सम्मान करना प्रत्येक सरकार और संवैधानिक संस्था की जिम्मेदारी है।
रंधावा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा सभी धर्मों और उनकी सर्वोच्च संस्थाओं की स्वतंत्रता तथा सम्मान की पक्षधर रही है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से आग्रह किया कि तख्त श्री हजूर साहिब बोर्ड की स्वायत्त व्यवस्था में किसी प्रकार का हस्तक्षेप न किया जाए और उसकी गरिमा को अखंड रखा जाए, क्योंकि तख्त श्री हजूर साहिब करोड़ों सिख श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। इसके धार्मिक एवं प्रशासनिक मामलों में अनावश्यक दखल न केवल सिख समुदाय की भावनाओं को आहत करता है, बल्कि स्थापित धार्मिक परंपराओं और संस्थागत स्वायत्तता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि बोर्ड के धार्मिक एवं प्रशासनिक मामलों में किसी भी प्रकार का अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए। सभी संबंधित पक्षों को इस संवेदनशील विषय पर संयम, संवाद और धार्मिक मर्यादा के अनुरूप कार्य करना चाहिए।
