मुंबई। शुक्रवार से लड़खड़ा रहा भारतीय रुपया सोमवार को शुरुआती बढ़त भी गंवा बैठा और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 95.22 पर आ गया। कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी, मध्य एशिया में युद्ध के हालात और अमेरिकी मुद्रा की निरंतर मजबूती के कारण भारतीय रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। गौरतलब है कि भारतीय रुपये में गिरावट शुक्रवार को भी दर्ज की गई थी, जब रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 89 पैसे कमजोर होकर 94.85 के तत्कालीन रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था।
सोमवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 93.57 पर सकारात्मक शुरुआत के साथ खुला और संक्षेप में 93.62 तक मजबूत हुआ, जो पिछले बंद भाव से एक रुपये से अधिक की बढ़त पर रहा। यह मजबूती भी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा बैंकों के लिए नेट ओपन पोजीशन लिमिट को रातोंरात 100 मिलियन डॉलर तक घटाने से दिखाई दी। लेकिन यह तेजी अल्पकालिक ही रही क्योंकि वैश्विक बाजारों में लगातार दबाव के कारण मुद्रा में तेजी से गिरावट आई। इसके चलते भारतीय रुपया अपने शुरुआती स्तर से 160 पैसे गिरकर 95.22 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया।
रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा, 95 का आंकड़ा पार किया
