मैरिट सूची में शामिल 23 छात्रों को भी किया सम्मानित
अमृतसर। भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) अमृतसर ने शनिवार को फेस्टिन पैलेस अमृतसर में अपना दसवां वार्षिक दीक्षांत समारोह सफलतापूर्वक आयोजित किया। इस समारोह में 2024–26 बैच के 302 स्नातक छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। इसमें प्रमुख एमबीए कार्यक्रम के दसवें बैच के साथ-साथ एमबीए बीए, एमबीए एचआर और ईएमबीए कार्यक्रमों के
चौथे बैच व भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़ के सहयोग से संचालित एमएसडीएसएम कार्यक्रम के दूसरे बैच के छात्र शामिल थे।
दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. मीनेश सी. शाह उपस्थित रहे। बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की ओर से बोर्ड सदस्य सचित जैन, भारतीय प्रबंध संस्थान अमृतसर के निदेशक प्रो. समीर कुमार श्रीवास्तवा, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा सहित बोर्ड के सदस्य, संकाय, कर्मचारी, मीडिया प्रतिनिधि, अभिभावक और विशिष्ट अतिथिगण उपस्थित रहे।
समारोह की शुरुआत बोर्ड सदस्य सचित जैन द्वारा औपचारिक उद्घाटन के साथ की गई। इसके बाद निदेशक प्रो. समीर कुमार श्रीवास्तवा ने स्नातक छात्रों को बधाई दी और उनकी
यात्रा को दृढ़ता, निरंतर सीखने और उपलब्धियों का प्रतीक बताया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष संस्थान के संकाय द्वारा 27 शोध प्रकाशन किए गए तथा संस्थान ने अपने पहले डॉक्टोरल प्रकाशन के साथ शोध क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। उन्होंने प्लेसमेंट उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि एमबीए कार्यक्रम में औसत वेतन 14.26 लाख रुपये प्रति वर्ष रहा, जबकि उच्चतम पैकेज 43 लाख रुपये प्रति वर्ष तक पहुंचा। वहीं एमएसडीएसएम कार्यक्रम का औसत वेतन 14 लाख रुपये प्रति वर्ष रहा। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे ऐसे समय में पेशेवर जीवन में प्रवेश कर रहे हैं, जो अनिश्चितताओं और तेजी से बदलती तकनीकी एवं वैश्विक परिस्थितियों से भरा हुआ है। उन्होंने छात्रों को आलोचनात्मक सोच विकसित करने, नैतिकता के साथ निर्णय लेने और निरंतर अनुकूलन की क्षमता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि डॉ. मीनेश सी. शाह ने अपने संबोधन में कृषि, ग्रामीण और डेयरी क्षेत्रों की देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को इन क्षेत्रों में नवाचार और समस्या-समाधान के अवसरों को पहचानने और सतत विकास को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा ने अपने संबोधन में देश की प्रगति के लिए सहयोग और सामूहिक विकास के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वेतन जीवन का एक हिस्सा है, लेकिन छात्रों को सार्थक कार्य और जिम्मेदार नागरिक बनने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने छात्रों को ईमानदार और नैतिक निर्णय लेने, अपने शिक्षकों के मूल्यों को याद रखने, जिम्मेदारियां निभाने तथा अपने परिवार और संस्थान का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद मुकेश कुमार द्वारा सभी कार्यक्रमों के स्नातक छात्रों को औपचारिक रूप से डिग्री प्रदान की गई।

निदेशक प्रो. समीर कुमार श्रीवास्तवा ने निदेशक की मेरिट सूची प्रस्तुत की, जिसमें 23 छात्रों को सम्मानित किया गया।
एम-बी-ए कार्यक्रम से सम्मानित छात्र- हृताभाष घोष, भुवेश शर्मा, दिव्यांशी, तुष्या सेठ, निष्ठा अरोड़ा, चेतन चौहान, काविनकुमार एस, तमिलसेल्वन एस, शेरिल, सक्षम गोयल और पिया गोयल।
एमबीए बीए कार्यक्रम से- आरुषी श्रीवास्तवा, प्रेक्षा झा और राजेश पटनायक।
एमबीए एचआर कार्यक्रम से-हेनिल जॉय, तनिषा और सोनाली गौतम।
ईएमबीए कार्यक्रम से – जी. साई शुभम, साक्षी जाजोदिया और प्रांजल मणि।
एमएसडी एसएम कार्यक्रम से – मनदीप सिंह, श्रीराम विशाल एस. और सिमरन कौर।
एमबीए कार्यक्रम में गणात्रा आदित्य राजेशभाई को सर्वोच्च शैक्षणिक उपलब्धि के लिए स्वर्ण पदक।
एमबीए बीए में रितिक जोशी को स्वर्ण पदक।
एमबीए एचआर में गरिमा अरोड़ा को स्वर्ण पदक।
ईएमबीए में अंजलि सिंगला को स्वर्ण पदक।
एमएसडी एसएम में सौनक दास को स्वर्ण पदक।
इसके अलावा, काविनकुमार एस. को एमबीए, एमबीए बीए और एमबीए एचआर संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ सर्वांगीण प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। कॉर्पोरेट प्रायोजित पुरस्कारों के अंतर्गत बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन, सर्वांगीण प्रदर्शन तथा खेल उत्कृष्टता के लिए क्रमशः गणात्रा आदित्य राजेशभाई, दिव्यांशी तथा प्राख्या सिंह को नामित किया गया।
