फास्टैग नहीं तो यूपीआई से करना होगा 1.25 गुना ज्यादा भुगतान
नई दिल्ली। देश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थापित टोल प्लाजा पर शुक्रवार 10 अप्रैल से नकद भुगतान की व्यवस्था बंद हो जाएगी। यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से जारी एक राजपत्र अधिसूचना में दी गई है। वर्तमान में देशभर के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों पर 1150 से अधिक टोल प्लाजा कार्यरत हैं। यह साफ कर दिया है कि शुक्रवार से सभी टोल प्लाजा पर भुगतान केवल फास्टैग के जरिए ही होगा और अगर कोई वाहन चालक फास्टैग के बगैर टोल प्लाजा पहुंचता है तो उसे अब नकद में भुगतान करने का विकल्प नहीं होगा, बल्कि उसे यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) के जरिए भुगतान करना होगा, जो लागू टोल शुल्क से 1.25 गुना ज्यादा देना होगा। यह टोल प्लाजा पर भुगतान संबंधी नियम 4 के उपनियम (2) के प्रावधानों के अनुसार तय किया गया है। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर कोई वाहन मालिक या चालक फास्टैग अथवा यूपीआई के तरीके से भी भुगतान करने के तैयार नहीं होता तो ऐसे वाहन के लिए नियम 14 के अनुसार वसूली की जाएगी। गौरतलब है कि एनएचएआई ने
1 अप्रैल 2026 से अपने वार्षिक फास्टैग पास का मूल्य भी 3000 रुपये से बढ़ाकर 3075 रुपये कर दिया है। इसके बाद भी, एनएचएआई के आंकड़ों के अनुसार, वार्षिक फास्टैग पास खरीदने वाले वाहन चालकों की संख्या 50 लाख से अधिक हो चुकी है। यह वार्षिक फास्टैग पास उपयोगकर्ताओं को प्रति वर्ष 3075 रुपये में अधिकतम 200 टोल क्रॉसिंग करने की अनुमति देता है। पिछले साल 15 अगस्त को यह वार्षिक पास लॉन्च होने के बाद से अब तक इन पासों के जरिए कुल 26.55 करोड़ लेनदेन हो चुका है।
