सुखजिंदर रंधावा ने बार्डर, नशे और गैंगस्टरवाद के सवालों पर गृहमंत्री अमित शाह को घेरा
चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जालंधर दौरे पर सवालों की बौछार कर दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठकर पंजाब के गंभीर मुद्दों पर उनकी ओर से लिखी गई चिट्ठियों का जवाब नहीं दिया गया, लेकिन अब अमित शाह खुद पंजाब आए हैं। ऐसे में उन्हें राजनीतिक भाषण देने से पहले पंजाब की जनता के उन सवालों के जवाब देने चाहिए, जो लंबे समय से अनसुलझे हैं।
पंजाब को 31 दिसंबर 2029 तक नशा मुक्त करने की अमित शाह की डेडलाइन पर रंधावा ने कहा कि पंजाब को एक और वादे या डेडलाइन की जरूरत नहीं है। नई डेडलाइन देने से पहले केंद्र को भाजपा शासित राज्यों में नशे की तस्करी और बरामदगी के बारे में भी देश को जवाब देना चाहिए। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर 2021 में 2,988 किलो से अधिक हेरोइन की बरामदगी हुई थी, जबकि कांडला पोर्ट पर 205.6 किलो हेरोइन और पिपावाव में हेरोइन-लिपटे धागे की खेप पकड़ी गई। महाराष्ट्र के न्हावा शेवा पोर्ट पर भी 293 किलो हेरोइन की बरामदगी दर्ज हुई थी।
रंधावा ने कहा कि भाजपा पंजाब में ‘नशा मुक्त पंजाब’ के नाम पर यात्रा निकाल रही है, लेकिन पंजाब को नारों और यात्राओं से ज्यादा जमीन पर कार्रवाई और नतीजों की जरूरत है। केंद्रीय गृह मंत्री को पंजाब आकर यह बताना चाहिए कि सीमा पार से आने वाले नशे और हथियारों की सप्लाई लाइन को तोड़ने के लिए केंद्र ने क्या किया है और आगे क्या करने जा रहा है। रंधावा ने कहा कि अमित शाह अगर वास्तव में पंजाब के हितैषी हैं तो सख्त कदम उठाएं, सीमा पर सप्लाई लाइन तोड़ें, विदेशों में बैठे हैंडलरों को भारत लाएं और पंजाब को नतीजे दें। लेकिन अगर पंजाब आना सिर्फ राजनीतिक दौरे और भाषण तक सीमित है, तो मेरी ओर से आपको आपकी सुखद यात्रा की शुभकामनाएं हैं।
