आरोपी पुलिस अफसर प्रमोट होकर रिटायर हो गए, पीड़ितों को नहीं मिला न्याय
14 अक्तूबर को बहबलकलां में राज्य सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन का ऐलान
चंडीगढ़। बहबल कलां गोलीकांड में लंबे समय से हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए बहबल कलां इंसाफ मोर्चा ने आरोप लगाया है कि करीब साढ़े चार वर्ष बीत जाने के बावजूद पंजाब सरकार ने मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
मंगलवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बहबल कलां गोलीकांड के पीड़ित सुखराज सिंह नियामीवाला ने कहा कि गोलीकांड में अभी तक चालान पेश नहीं किया गया है। उन्होंने बार-बार दिए गए बयानों और आश्वासनों के बावजूद मामले में ठोस नतीजा सामने नहीं आने पर सरकार से सवाल किया। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को उम्मीद थी कि सरकार सत्ता में आने के बाद बेअदबी तथा बहबल कलां और कोटकपूरा घटनाओं से जुड़े मामलों में न्याय सुनिश्चित करेगी और पीड़ित परिवारों को इंसाफ दिलाएगी। परन्तु आज सभी निराश हैं। नियामीवाला ने चेतावनी देते हुए कहा कि बहबल कलां इंसाफ मोर्चा द्वारा 14 अक्टूबर से बहबल कलां में धरना प्रदर्शन किए जाएंगे। इस मौके पर नियामीवाला के साथ सतनाम सिंह भी मौजूद थे।
नियामीवाला ने मामले की जांच के दायरे में आए पुलिस अधिकारियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रदीप सिंह को डीएसपी के पद पर पदोन्नत किया गया और बाद में वह सेवानिवृत्त भी हो गए। लेकिन पीड़ित परिवार अभी तक न्याय के लिए इंतजार क्यों कर रहे हैं। 2022 के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए नियामीवाला ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सहित आम आदमी पार्टी के कई नेताओं और वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव से पहले बहबल कलां, कोटकपूरा और बेअदबी के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने सवाल किया कि सत्ता में आने के बाद सरकार कथित तौर पर अपने किए गए न्याय के वादे को पूरा करने में क्यों विफल रही। बयान के अनुसार, सरकार के कार्यकाल के अब करीब दो महीने ही शेष हैं, जबकि बहबल कलां गोलीकांड में अभी तक चालान पेश नहीं किया गया है। नियामीवाला ने कहा कि यह देरी केवल पीड़ित परिवारों का मुद्दा नहीं है, बल्कि इससे न्याय व्यवस्था में लोगों के विश्वास पर भी असर पड़ रहा है। बहबल कलां इंसाफ मोर्चा ने सिख संगठनों, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं, संघर्षशील संगठनों और पंजाब के लोगों से अपील की कि वे न्याय की मांग को लेकर एकजुट होकर आवाज उठाएं।
बहबल कलां गोलीकांड: पीड़ितों ने चालान में देरी पर उठाए सवाल
