चंडीगढ़। पंजाब सिविल सचिवालय ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने कर्मचारियों की लंबित मांगों और 10 अक्टूबर को संगरूर में प्रस्तावित विशाल रैली की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए सोमवार को एक अहम बैठक की। बैठक के दौरान कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया और भविष्य के आंदोलन की रूपरेखा तय की गई। बैठक के दौरान, डीए से जुड़े उस अदालती मामले पर भी विस्तार से चर्चा हुई, जिसकी सुनवाई सोमवार को हुई थी।
इस बैठक में मुख्य रूप से 10 अक्टूबर को संगरूर में होने वाली बड़ी रैली में पंजाब सिविल सचिवालय के ज़्यादा से ज़्यादा कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया गया। कर्मचारियों को बड़ी संख्या में रैली में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के मकसद से एक विशेष अभियान शुरू करने का भी फ़ैसला किया गया। इस अभियान के तहत, 7 अक्टूबर की सुबह मिनी सचिवालय में एक रैली आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम के दौरान, कर्मचारियों को संगरूर में होने वाली ‘महा रैली’ में बड़ी संख्या में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और रैली की सफलता सुनिश्चित करने की तैयारियों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
इस मौके पर सुखचैन सिंह खैरा ने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे 10 अक्टूबर को संगरूर में होने वाली मेगा-रैली में बड़ी संख्या में शामिल हों और इसे अपनी नैतिक ज़िम्मेदारी समझें। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की एकता और भारी भागीदारी ही सरकार को उनकी जायज़ मांगों पर गंभीरता से विचार करने के लिए मजबूर करती है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के संघर्ष का मुख्य मकसद 17-07-2020 और 15-01-2015 के पत्रों को रद्द करवाना, आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना, पेंशनभोगियों को 2.59 का मल्टीप्लिकेशन फ़ैक्टर दिलाना, पुरानी पेंशन योजना को बहाल करना और 4-9-14 एसीपी योजना की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन को अंजाम तक पहुँचाना है। इसलिए, सभी कर्मचारियों से अपील की गई कि वे 10 अक्टूबर को संगरूर में होने वाली मेगा-रैली में बड़ी संख्या में शामिल हों और अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाएँ। इस बैठक में सुखचैन सिंह खैरा के साथ मंजीत सिंह रंधावा, साहिल शर्मा, जसवीर कौर, सुदेश कुमारी, अलका चोपड़ा, बलराज सिंह दाऊ, जगतार सिंह और बजरंगी यादव भी शामिल हुए।
इस बैठक में मुख्य रूप से 10 अक्टूबर को संगरूर में होने वाली बड़ी रैली में पंजाब सिविल सचिवालय के ज़्यादा से ज़्यादा कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया गया। कर्मचारियों को बड़ी संख्या में रैली में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के मकसद से एक विशेष अभियान शुरू करने का भी फ़ैसला किया गया। इस अभियान के तहत, 7 अक्टूबर की सुबह मिनी सचिवालय में एक रैली आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम के दौरान, कर्मचारियों को संगरूर में होने वाली ‘महा रैली’ में बड़ी संख्या में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और रैली की सफलता सुनिश्चित करने की तैयारियों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
इस मौके पर सुखचैन सिंह खैरा ने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे 10 अक्टूबर को संगरूर में होने वाली मेगा-रैली में बड़ी संख्या में शामिल हों और इसे अपनी नैतिक ज़िम्मेदारी समझें। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की एकता और भारी भागीदारी ही सरकार को उनकी जायज़ मांगों पर गंभीरता से विचार करने के लिए मजबूर करती है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के संघर्ष का मुख्य मकसद 17-07-2020 और 15-01-2015 के पत्रों को रद्द करवाना, आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना, पेंशनभोगियों को 2.59 का मल्टीप्लिकेशन फ़ैक्टर दिलाना, पुरानी पेंशन योजना को बहाल करना और 4-9-14 एसीपी योजना की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन को अंजाम तक पहुँचाना है। इसलिए, सभी कर्मचारियों से अपील की गई कि वे 10 अक्टूबर को संगरूर में होने वाली मेगा-रैली में बड़ी संख्या में शामिल हों और अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाएँ। इस बैठक में सुखचैन सिंह खैरा के साथ मंजीत सिंह रंधावा, साहिल शर्मा, जसवीर कौर, सुदेश कुमारी, अलका चोपड़ा, बलराज सिंह दाऊ, जगतार सिंह और बजरंगी यादव भी शामिल हुए।
