10 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण दल आया हिमस्खलन की चपेट में, सभी की मौत
स्कार्दू (पाकिस्तान)। विश्व के सबसे प्रसिद्ध पर्वतारोहियों में शामिल नेपाल में जन्मे निर्मल “निम्सदाई” पुर्जा का पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित ब्रॉड पीक पर आए भीषण हिमस्खलन में निधन हो गया। उनकी अभियान कंपनी Elite Exped ने आधिकारिक बयान जारी कर उनके निधन की पुष्टि की। इस हादसे में उनके साथ अभियान पर गए अन्य पर्वतारोहियों की भी मौत हो गई, जिससे वैश्विक पर्वतारोहण समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई।
पुरजा की कंपनी ‘एलीट एक्सपीडिशंस’ ने सोशल मीडिया पर कहा, “हमें बहुत दुख और भारी मन से यह पुष्टि करनी पड़ रही है कि ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन (एवलांच) की चपेट में आने से निर्मल पुरजा और उनकी टीम के सदस्यों की दुखद मौत हो गई है।”
अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार (30 जुलाई) को आए बर्फीले तूफ़ान (एवलांच) के बाद उत्तरी पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर 43 वर्षीय ब्रिटिश-नेपाली पर्वतारोही पुर्जा के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय अभियान दल का संपर्क कट गया था। ब्रॉड पीक पर लगभग 7,000 मीटर की ऊंचाई पर अचानक आए हिमस्खलन ने 10 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण दल को अपनी चपेट में ले लिया। खराब मौसम, भारी बर्फबारी और दुर्गम परिस्थितियों के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। बचाव दल ने कई घंटों तक खोज अभियान चलाया, लेकिन किसी भी सदस्य को जीवित नहीं बचाया जा सका।
43 वर्षीय निर्मल पुर्जा को दुनिया के सबसे साहसी पर्वतारोहियों में गिना जाता था। उन्होंने वर्ष 2019 में केवल 6 महीने 6 दिनों में दुनिया की 14 सबसे ऊंची, 8,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। पर्वतारोहण से पहले निर्मल पुर्जा ने करीब 16 वर्षों तक ब्रिटिश सेना और उसकी प्रतिष्ठित स्पेशल बोट सर्विस (SBS) में सेवा दी थी। इसके बाद उन्होंने पर्वतारोहण को अपना कैरियर बनाया और कई कठिन अभियानों को सफलतापूर्वक पूरा किया। उनकी प्रेरणादायक यात्रा पर आधारित नेटफ्लिक्स की चर्चित डॉक्यूमेंट्री “14 Peaks: Nothing Is Impossible” दुनियाभर में काफी लोकप्रिय हुई। निर्मल पुर्जा के निधन पर दुनिया भर के पर्वतारोहियों, खेल हस्तियों और उनके प्रशंसकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
