चंडीगढ़। भारतीय जनता पार्टी फाजिल्का के जिला अध्यक्ष काका कंबोज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जलालाबाद में हो रही एक चिंताजनक घटना को सामने रखते हुए आम आदमी पार्टी की सरकार और स्थानीय विधायक पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि जलालाबाद की एक महिला और उसका परिवार एक कानूनी तरीके से प्रॉपर्टी खरीदने की प्रक्रिया में था। इस संबंध में उन्होंने डीपीएस स्कूल के लिए लगभग 1.25 से 1.5 करोड़ रुपये बतौर बयाना भी दिया, जिसके पूरे दस्तावेज मौजूद हैं।
परिवार की ओर से काका कंबोज की मौजूदगी में आरोप लगाए गए कि जैसे ही यह बात विधायक गोल्डी कंबोज तक पहुंची, उसके बाद परिवार को फोन कॉल के जरिए धमकियां, गाली-गलौज और दबाव डाला गया कि वे अपना बयाना वापस ले लें। उन्होंने कहा कि विधायक की शह पर डीपीएस स्कूल के मालिकों के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज करवाई गई और उन्हें घर से उठाकर थाने ले जाया गया। बाद में राजनीतिक दबाव के चलते उन्हें छोड़ दिया गया। इसके अलावा, जब परिवार ने अपने पैसे वापस मांगे, तो उन्हें आधे पैसे की पेशकश कर डराया गया और अन्य झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई।
काका कंबोज ने बताया कि यह स्कूल 2010 में कानूनी रूप से बेचा गया था और पिछले 13 सालों से इस पर कोई विवाद नहीं था। सभी दस्तावेज, पावर ऑफ अटॉर्नी और भुगतान के सबूत मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब राजनीतिक दखल के जरिए इस मामले को जबरन उठाकर प्रॉपर्टी हड़पने की कोशिश की जा रही है। भाजपा ने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए। कंबोज ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री भगवंत मान सच में ईमानदार हैं, तो उन्हें तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप कर सच्चाई सामने लानी चाहिए।
