चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा ने सोमवार को हरियाणा कलेरिकल सर्विसेज (भर्ती और सेवा शर्तें) विधेयक, 2026 पारित कर दिया। इसका उद्देश्य सरकारी सेवा में कर्मचारियों के लिए भर्ती और पदोन्नति प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना है।
विधानसभा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह विधेयक पेश किया। इस विधेयक के जरिए ग्रुप डी कर्मचारियों के लिए कलेरिकल पदों पर पदोन्नति कोटे को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है। इस प्रकार ग्रुप डी के अधिक कर्मचारियों को अपने कैरियर में पदोन्नति का अवसर मिलेगा। इस विधेयक के प्रारूप में एक्स-ग्रेशिया पालिसी के तहत 5 प्रतिशत आरक्षण अनिवार्य करने का भी प्रावधान है। सदन में विधेयक पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विधेयक से पदोन्नति की प्रक्रिया सरल, तेज और अधिक पारदर्शी हो जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ग्रुप डी कर्मचारियों के लिए पहले से लागू की गई समान कैडर प्रणाली ने अधिक समान अवसर सुनिश्चित करने में मदद की है, जिसे अब नए प्रावधानों के तहत और मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले, सीमित पदों और विभागीय प्रतिबंधों के कारण अक्सर पदोन्नति में देरी होती थी, जिसके चलते कर्मचारियों को कभी-कभी 10 से 15 साल तक इंतजार करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि उच्च पदोन्नति कोटा और कम सेवा आवश्यकताओं के साथ, इस संशोधित प्रणाली से पूरी प्रक्रिया के अधिक समयबद्ध और कुशल बनने की उम्मीद है। उन्होंने विश्वास जताया किया कि यह विधेयक प्रशासनिक दक्षता को मजबूत करते हुए कर्मचारियों के हितों की रक्षा करेगा।
हरियाणा में ग्रुप डी मुलाजिमों का पदोन्नति कोटा बढ़ा, बिल पारित
