बीबीएमबी की गौरवशाली विरासत, ऐतिहासिक उपलब्धियों पर कॉफी टेबल बुक का विमोचन
चंडीगढ़। भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड (बीबीएमबी) की स्थापना के गौरवशाली 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुक्रवार 15 मई को पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में बीबीएमबी ने अपना 51वां स्थापना दिवस पूरी भव्यता, गरिमा और उत्साह के साथ मनाया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय विद्युत, आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल उपस्थित रहे। इनके साथ ही हरियाणा के सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की मंत्री श्रुति चौधरी, पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल और राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। पंजाब के मुख्य सचिव, बीबीएमबी के सदस्य, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, विद्युत निगमों के सीएमडी व एमडी, बीबीएमबी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व पूर्णकालिक सदस्यों ने भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
बीबीएमबी के अध्यक्ष मनोज त्रिपाठी ने स्वागत भाषण में बीबीएमबी की ऐतिहासिक उपलब्धियों, उसकी उत्कृष्टता की संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बीबीएमबी ने विद्युत उत्पादन, जल प्रबंधन और पर्यावरणीय संतुलन के क्षेत्रों में उल्लेखनीय कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इस मौके पर, मंत्रियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने बीबीएमबी की गौरवशाली विरासत, ऐतिहासिक उपलब्धियों, नई पहलों और भविष्य की योजनाओं को समर्पित एक कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया।
कार्यक्रम के दौरान, केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्र निर्माण में बीबीएमबी की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने बीबीएमबी के उल्लेखनीय योगदानों का वर्णन करते हुए कहा कि इसने न केवल विद्युत और सिंचाई के क्षेत्रों में, बल्कि सामाजिक-आर्थिक विकास, कृषि उन्नति और संतुलित क्षेत्रीय विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि बीबीएमबी जल और विद्युत संसाधनों के समन्वित प्रबंधन के माध्यम से सभी भागीदार राज्यों की आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा कर रहा है। उन्होंने बीबीएमबी की स्वर्णिम उपलब्धियों को भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया और नवाचार, दक्षता तथा सतत विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने की आवश्यकता पर बल दिया। हरियाणा, पंजाब व राजस्थान के मंत्रियों- श्रुति चौधरी, बरिंदर कुमार गोयल, सुरेश सिंह रावत ने भी कुशल जल और बिजली प्रबंधन के प्रति बीबीएमबी की अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की।