SAD ने AAP पर उठाया सवाल, बेअदबी मामले में गुरमीत राम रहीम पर कार्रवाई क्यों नहीं

बहबलकलां मामले में नई एसआईटी गठित करके बेअदबी पर AAP कर रही राजनीति: रोमाना

चंडीगढ़। शिरोमणी अकाली दल (SAD) ने कहा है कि आम आदमी पार्टी की सरकार बहबल कलां फायरिंग मामले में चार आरोप पत्र दाखिल होने के बावजूद नई एसआईटी गठित कर बेअदबी पर फिर से राजनीति कर रही है। पार्टी ने आप सरकार से सवाल किया कि वह बुर्ज जवाहर सिंह और बरगाड़ी बेअदबी मामलों में एसआईटी द्वारा दोषी ठहराए जाने के बावजूद गुरमीत राम रहीम के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही?
शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में वरिष्ठ अकाली नेता परमबंस सिंह रोमाणा ने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों ने बेअदबी पर लगातार राजनीति की है। बेअदबी का मुददा चुनाव की पूर्व संध्या पर सामने लाया जाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने साढ़े तीन साल पहले बेअदबी के मामलों में 467 पेजों की रिपोर्ट जारी की थी। उन्होंने कहा,‘‘भले ही गुरमीत राम रहीम मुख्य आरोपी था, लेकिन आप सरकार ने साढ़े तीन साल तक उसके खिलाफ मामला शुरू करने की मंजूरी नहीं दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक अन्य बेअदबी के आरोपी प्रदीप कलेर के खिलाफ कार्रवाई में नरम रूख अपनाया और अब तक एक अन्य आरोपी हनीप्रीत से पूछताछ नहीं की है। उन्होंने कहा,‘‘इससे साफ पता चलता है आप सरकार ने सिरसा डेरा प्रमुख के साथ कोई समझौता किया है।’’
रोमाना ने कहा कि आप सरकार ने डीआईजी हरजीत सिंह की अगुवाई में गठित नई एसआईटी के बुर्ज जवाहर सिंह और बरगाड़ी के दौरे को लेकर बड़े पैमाने पर मीडिया कवरेज हासिल करके एक सुनियोजित अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा,‘‘यह इस तथ्य के बावजूद किया जा रहा है कि एसआईटी बहबल कलां मामले की जांच कर रही है, जिसका बुर्ज जवाहर सिंह और बरगाड़ी में हुई बेअदबी से कोई लेना-देना नहीं है।’’ रोमाणा ने कहा कि आप पार्टी की सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए यह नौटंकी कर रही है, क्योंकि इस मामले में चार आरोप पत्र दाखिल होने के बाद कोई जांच नहीं बची है। उन्होंने कहा कि इस तरह के घटिया हथकंडे अपनाने के बजाय आम आदमी पार्टी को बताना चाहिए कि उसने पिछले नौ साल में पंजाब में बेअदबी के 597 मामलों को सुलझाने के लिए क्या किया? उन्होंने कहा,‘‘इन मामलों में नामजद किए गए 247 लोगों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया और 102 मामले अभी अनसुलझे हैं, और 82 मामलों को रदद कर दिया गया । सरकार को यह भी बताना चाहिए कि उसने सुल्तानपुर लोधी में अपने पुलिस बल द्वारा की गई बेअदबी के मामले में क्या कार्रवाई की थी?

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