स्मॉल ट्रेडर्स एसोसिएशन ने बूथ मार्केटों के व्यापारियों के साथ किया प्रदर्शन, निगम आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
चंडीगढ़। चंडीगढ़ नगर निगम ने एक तरफ जहां शहर में रेहड़ी-फड़ी वालों को नई वेंडिंग साइटें अलाट करने के लिए ड्रा आफ लॉट्स के छठे चरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है, वहीं शहर के विभिन्न सेक्टरों की बूथ मार्केटों के व्यापारी निगम के इस फैसले के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। मंगलवार को विभिन्न बूथ मार्केटों के प्रधान और व्यापारी नगर निगम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और नगर निगम आयुक्त अमित कुमार को ज्ञापन सौंपा।
विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे स्मॉल ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान मुकेश गोयल ने अगर प्रशासन ने उनकी मांग नहीं मानी और नए वेंडिंग जोन बनाने का फैसला वापस नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में इससे बड़ा आंदोलन किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में स्मॉल ट्रेडर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी विजय कुमार, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट राकेश कुमार नीटा, वाइस प्रेसिडेंट ओम प्रकाश, शहर की विभिन्न बूथ मार्केटों के प्रधान और बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे। व्यापारियों का कहना है कि शहर में पहले ही से अनेक वेंडिंग जोन बने हुए हैं और अब नए वेंडिंग जोन बनाने से बूथ मार्केटों और शो-रूम व्यापारियों के कारोबार पर बुरा असर पड़ेगा। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार को सौंपे ज्ञापन में कहा गया कि नए वेंडिंग जोन बनाने के बजाय शहर में अवैध वेंडरों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए।
गौरतलब है कि चंडीगढ़ नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में, नॉन एसेंशियल स्ट्रीट वेंडरों को वेंडिंग साइटें आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए आम जनता से 9 जुलाई तक आपत्तियां, सुझाव और टिप्पणियां आमंत्रित की गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन की जुलाई 2020 की उस अधिसूचना रद्द कर दिया था, जिसके तहत धार्मिक स्थलों के बाहर छोले-भटूरे, कुलचे-छोले, पराठे, फल, सब्जियां और फूल बेचने वाले विक्रेताओं को आवश्यक सेवा प्रदाता की श्रेणी में रखा गया था। लेकिन प्रशासन अब इन सभी विक्रेताओं को गैर-आवश्यक स्ट्रीट वेंडरों के लिए चिन्हित निर्धारित वेंडिंग जोनों में स्थानांतरित करेगा।
