महेशइंद्र ग्रेवाल बोले, चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं, सिख आवेदक इंटरव्यू को नहीं बुलाए
चंडीगढ़। शिरोमणी अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री महेशइंदर सिंह ग्रेवाल ने मंगलवार को पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) के कुलपति की नियुक्ति के लिए आयोजित साक्षात्कार प्रक्रिया से सिख उम्मीदवारों को बाहर रखे जाने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि आवेदकों में से कई प्रख्यात विद्धान और अनुभवी शैक्षणिक प्रशासक होने के बावजूद किसी भी सिख आवेदक को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित नहीं किया गया।
एक प्रेस बयान में महेशइंदर ग्रेवाल ने 3 जुलाई को शुरू हुई प्रक्रिया में समावेशिता, निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शार्टलिस्ट किए गए आवेदकों में से सिख उम्मीदवारों की अनुपस्थिति से यह दुर्भाग्यपूर्ण धारणा पैदा हुई है कि सिख समुदाय के योग्य सदस्यों की अनदेखी की गई है। वरिष्ठ अकाली नेता ने कहा कि प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के कई सेवारत और पूर्व कुलपतियों के साथ-साथ अकादमिक और प्रशासनिक योग्यताओं से संपन्न प्रख्यात सिख शिक्षाविदों ने इस पद के लिए आवेदन किया था। उन्होंने कहा कि इस बारे स्पष्टीकरण दिए जाने की आवश्यकता है कि इन सभी उम्मीदवारों को साक्षात्कार के चरण से बाहर करने के लिए शार्टलिस्ट के मानदंडों क्या अपनाए गए।
ग्रेवाल ने कहा कि इस घटनाक्रम ने देश के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में से एक में नियुक्तियों में समान अवसर और पारदर्शिता को लेकर जायज चिंता पैदा कर दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चयन प्रक्रिया को किसी भी तरह के पक्षपात की आशंका से मुक्त होना चाहिए और सभी हितधारकों का इसमें विश्वास होना चाहिए। अकाली नेता ने संबंधित अधिकारियों से कुलपति चयन प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और योग्यता के आधार पर सुनिश्चित करने का आग्रह किया ताकि संस्थान और उसके संचालन में जनता का भरोसा बना रहे।
