चंडीगढ़ में सजी वासुदेव वशिष्ठ की अनूठी फोटोग्राफी प्रदर्शनी, प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश

चंडीगढ़। चंडीगढ़ ललित कला अकादमी (सीएलकेए) ने चंडीगढ़ फोटोग्राफर्स एसोसिएशन (सीपीए) के सहयोग से रविवार को चंडीगढ़ सेक्टर-17 को रोज़ गार्डन से जोड़ने वाले अंडरपास स्थित सीएलकेए गैलरी में चंडीगढ़ के मूल निवासी और न्यूयॉर्क स्थित युवा दृश्य कलाकार वासुदेव वशिष्ठ की फोटोग्राफी प्रदर्शनी ‘ड्रीमिंग एन आइडियल नेचर’ का शुभारंभ किया।

प्रदर्शनी का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर चंडीगढ़ ललित कला अकादमी के अध्यक्ष भीम मल्होत्रा, उपाध्यक्ष रविंदर शर्मा, चंडीगढ़ फोटोग्राफर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सरोज सिंह चौहान, पंजाब के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव करण बीर सिंह सिद्धू, पंजाब विश्वविद्यालय की पूर्व डीन व प्रो. योजना रावत और हरियाणा क्वालिटी एश्योरेंस अथारिटी के अध्यक्ष व हरियाणा के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि कला संस्कृतियों, समुदायों और देशों के बीच संवाद, आपसी समझ और वैश्विक चुनौतियों के प्रति साझा उत्तरदायित्व विकसित करने का एक प्रभावी माध्यम है। चंडीगढ़ ललित कला अकादमी के अध्यक्ष भीम मल्होत्रा ने वासुदेव वशिष्ठ की कला की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कृतियां पर्यावरण के प्रति संवेदनशील सोच और रचनात्मक प्रयोगों का उत्कृष्ट उदाहरण हैं।

प्रदर्शनी में कुल 36 फोटोग्राफिक कृतियां प्रदर्शित की गई हैं, जिनमें एनालॉग और डिजिटल दोनों तकनीकों का उपयोग किया गया है। वासुदेव वशिष्ठ की विशेषता यह है कि वे मिट्टी, प्रदूषित जल, कम्पोस्ट और पौधों के अर्क जैसी प्राकृतिक सामग्रियों को फोटोग्राफी की प्रक्रिया का हिस्सा बनाते हैं। उनकी कलाकृतियां केवल दृश्य प्रस्तुत नहीं करतीं, बल्कि मनुष्य और प्रकृति के बीच सहयोग, पर्यावरणीय संतुलन तथा सामाजिक सहभागिता का संदेश भी देती हैं। उनके कार्यों में कार्यशालाओं, सामुदायिक उद्यानों, प्रदूषित झीलों और खनन क्षेत्रों से जुड़े प्रयोगात्मक प्रिंट्स भी शामिल हैं, जो पर्यावरणीय संकट की ओर ध्यान आकर्षित करते हैं।

वासुदेव वशिष्ठ की कृतियां भारत सहित अमेरिका, चीन और अन्य देशों के प्रतिष्ठित कला मंचों पर प्रदर्शित हो चुकी हैं तथा उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतिष्ठित फैलोशिप भी प्राप्त हो चुकी हैं। उद्घाटन समारोह में 150 से अधिक लोगों ने भाग लेकर कलाकार की रचनाओं की सराहना की। यह प्रदर्शनी 11 जुलाई 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी।

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