नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आखिरकार NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों के आंदोलन पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि विपक्ष में रहते हुए उनकी भूमिका सरकार से सवाल पूछने की थी, लेकिन अब उनकी जिम्मेदारी बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य सुर्खियां बटोरना नहीं, बल्कि छात्रों के हित में ठोस समाधान सुनिश्चित करना है।
राज्यसभा में एंटी-पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर कैमरों के सामने आकर अपनी “हाजिरी” नहीं लगाई, क्योंकि उनका मानना है कि केवल बयान देने से समस्या का समाधान नहीं होता। उन्होंने कहा कि जब जिम्मेदारी बदलती है तो काम करने का तरीका भी बदल जाता है। चड्ढा ने कहा कि वह पूरे मन से देश के छात्रों के साथ खड़े हैं और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने के लिए सरकार द्वारा लाए गए एंटी-पेपर लीक कानून का समर्थन करते हैं। उनके अनुसार, यह कानून प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली रोकने और युवाओं का भरोसा बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों की चिंताओं को परिवार के मुखिया की तरह सुना और सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। चड्ढा ने कहा कि उनका लक्ष्य राजनीतिक लाभ नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य की रक्षा करना है।
गौरतलब है कि NEET-2026 पेपर लीक मामले को लेकर पिछले कई महीनों से देशभर में छात्रों का आंदोलन जारी रहा। इस मुद्दे पर व्यापक विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक दबाव के बीच तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी इस्तीफा दिया था। राघव चड्ढा जब तक आप में शामिल रहे, तब तक राज्यसभा सदस्य के तौर पर वह आम लोगों के मुद्दे उठाते रहे, हालांकि उस दौरान भी उन्होंने कभी भाजपा या मोदी सरकार का किसी मुद्दे पर विरोध नहीं किया। लेकिन भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने हर मामले में चुप्पी साध ली थी।
