कहा- यह बोलने की आज़ादी और लोकतंत्र का उल्लंघन, तानाशाही की मिसाल
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (AAP) के संगरूर से सांसद मीत हेयर ने केंद्र की भाजपा सरकार पर लोकतंत्र और बोलने की आज़ादी का गला घोंटने का आरोप लगाते हुए कहा कि संसद में जनहित के मुद्दों पर उनके भाषण को भारत में इंस्टाग्राम पर बैन करना इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि भाजपा सरकार आलोचना से पूरी तरह बौखला चुकी है। उन्होंने कहा कि करीब 15 लाख वोटरों द्वारा चुने गए सांसद के संसद में दिए गए भाषण को सोशल मीडिया से हटाना या भारत में बैन करना डेमोक्रेटिक संस्थाओं और लोगों के जनादेश का अपमान है। अगर संसद में कही गई बात को भी लोगों तक नहीं पहुंचने दिया जा रहा है, तो इससे बड़ी तानाशाही और क्या हो सकती है?
मीत हेयर ने कहा कि संसद में NEET एग्जाम से जुड़े बिल पर चर्चा के दौरान पिछले 12 सालों में भाजपा सरकार की पॉलिसी और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे थे। उन्होंने कहा कि हाल ही में देशभर में NEET एग्जाम देने वालों का आंदोलन सिर्फ एग्जाम तक ही सीमित नहीं था, बल्कि यह देश के युवाओं की एकता और उनके हक की लड़ाई का प्रतीक बन गया। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के दबाव में सरकार को अपने मंत्री का इस्तीफा लेना पड़ा, लेकिन सरकार को मंत्री के इस्तीफे का दुख नहीं है, बल्कि सबसे दुख की बात यह है कि पहली बार देश का युवा धर्म, जाति और क्षेत्र से ऊपर उठकर शिक्षा और भविष्य के मुद्दे पर एकजुट हुआ है।
उन्होंने कहा कि जब वह आंदोलन स्थल पर पहुंचे तो सिख, हिंदू, मुस्लिम, ईसाई समेत सभी धर्मों के युवा एक मंच पर बैठे थे। सभी देशभक्ति के गीत गा रहे थे और इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। यह एकता भाजपा को सबसे ज्यादा परेशान कर रही है, क्योंकि पिछले 12 सालों से भाजपा ने गोदी मीडिया और व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के जरिए धर्म और जाति के नाम पर लोगों को बांटने का एक राजनीतिक नैरेटिव बनाया है। लेकिन इस युवा आंदोलन ने उस पूरे नैरेटिव को खत्म कर दिया है और भाजपा की बांटने वाली राजनीति को उजागर कर दिया है।
कानूनी कार्रवाई के सवाल पर मीत हेयर ने कहा कि आम आदमी पार्टी की लीगल टीम पूरे मामले की स्टडी कर रही है और सभी लीगल ऑप्शन पर विचार किया जा रहा है। पार्टी लोकतंत्र और बोलने की आजादी की रक्षा के लिए हर मुमकिन लीगल और संविधानिक कदम उठाएगी।
