ड्राइवर मोहन सिंह रोपड़ पुलिस की जांच में हुआ शामिल, लगभग छह घंटे पूछताछ

चंडीगढ़/रोपड़। पूर्व एसजीपीसी सदस्य अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ दर्ज रेप केस की चल रही जांच के सिलसिले में, गुरुद्वारा तख्त श्री केसगढ़ साहिब में तैनात एक ड्राइवर ने कानूनी नोटिस मिलने के बाद सोमवार को जांच में हिस्सा लिया और रूपनगर पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज कराया। विवरण देते हुए, श्री आनंदपुर साहिब के डीएसपी जशनदीप सिंह मान ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 35 के तहत ड्राइवर, मोहन सिंह, निवासी मोहल्ला कुहलीवाला श्री आनंदपुर साहिब को नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस के ज़रिए, उन्हें श्री आनंदपुर साहिब पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 64, 127(2) और 351(2) के तहत दर्ज एफआईआर नंबर 149 (तारीख 21.08.2026) से जुड़ी जांच में शामिल होने के लिए कहा गया था। नोटिस के पालन में, मोहन सिंह श्री आनंदपुर साहिब की सिटी पुलिस पोस्ट में पेश हुए और जांच टीम ने उनसे लगभग छह घंटे तक विस्तार से पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान सामने आई बातों की जानकारी देते हुए डीएसपी ने बताया कि मोहन सिंह ने गुरुद्वारा तख्त श्री केसगढ़ साहिब में ड्राइवर के तौर पर काम करने की बात स्वीकार की। ड्राइवर ने बताया कि शिकायतकर्ता पीड़ित महिला तख्त श्री केसगढ़ साहिब के पास स्थित अलग-अलग सराय में लगभग आठ महीने तक रही थी। मोहन सिंह ने बताया कि अपनी ड्यूटी के हिस्से के तौर पर, वे कई बार पीड़ित को पास के गुरुद्वारों में ले गए थे। ड्राइवर ने आगे बताया कि आरोपी अमरजीत सिंह चावला ने पीड़िता के रहने, खाने और लोकल ट्रांसपोर्ट का सारा इंतज़ाम गुरुद्वारा तख्त श्री केसगढ़ साहिब की सराय (यात्री निवास) में किया था और चावला लगातार उसके संपर्क में था। उन्होंने कहा कि तख्त श्री केसगढ़ साहिब में सराय के रोज़मर्रा के प्रशासनिक कामकाज की देखरेख करने वाले एसजीपीसी कर्मचारी इन व्यवस्थाओं और अमरजीत सिंह चावला तथा पीड़ित के बीच चल रहे संपर्क से पूरी तरह वाकिफ़ थे।
निष्पक्ष और गहन जांच के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए, डीएसपी जशनदीप सिंह मान ने कहा कि सभी तथ्यों और बयानों की व्यापक रूप से पुष्टि की जा रही है और कानून के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
