चंडीगढ़। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष जयइंदर कौर ने ‘मांवां-धीयां सत्कार योजना’ को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के 73.99 लाख खातों में राशि डालने के दावे पर सवाल उठाते हुए सरकार से योजना के आंकड़े स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मान ने पहले 33 लाख महिलाओं को पहली किस्त देने की बात कही थी और अब 38 लाख महिलाओं को दूसरी किस्त देने का दावा कर रहे हैं। ऐसे में कुल संख्या 73.99 लाख बताई जा रही है। लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इन सभी महिलाओं को दोनों किस्तें मिल चुकी हैं या नहीं।
उन्होंने कहा कि जुलाई में पहली किस्त प्राप्त करने वाली कई महिलाओं ने बताया है कि उनके खातों में दूसरी किस्त नहीं पहुंची है। साथ ही कहा कि पंजाब में महिलाओं की संख्या करीब 1.20 करोड़ है। मान सरकार के 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ देने के वादे के हिसाब से करीब 1.16 करोड़ महिलाओं को राशि मिलनी चाहिए। सरकार के आंकड़ों से साफ है कि करीब 33-34 लाख महिलाएं योजना के लाभ से वंचित हैं। जयइंदर कौर ने कहा कि योजना फरवरी 2022 से शुरू होनी थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसे जुलाई 2026 से शुरू किया। उनका आरोप है कि इससे लाखों महिलाओं को साढ़े चार साल की राशि से वंचित किया गया। जयइंदर कौर ने पश्चिम बंगाल की ‘अन्नपूर्णा योजना’ का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पात्र महिलाओं को 3,000 रुपये प्रतिमाह देने की व्यवस्था की गई और जुलाई में ही 1.30 करोड़ महिलाओं के खातों में राशि पहुंचाई गई।
उन्होंने कहा कि जुलाई में पहली किस्त प्राप्त करने वाली कई महिलाओं ने बताया है कि उनके खातों में दूसरी किस्त नहीं पहुंची है। साथ ही कहा कि पंजाब में महिलाओं की संख्या करीब 1.20 करोड़ है। मान सरकार के 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ देने के वादे के हिसाब से करीब 1.16 करोड़ महिलाओं को राशि मिलनी चाहिए। सरकार के आंकड़ों से साफ है कि करीब 33-34 लाख महिलाएं योजना के लाभ से वंचित हैं। जयइंदर कौर ने कहा कि योजना फरवरी 2022 से शुरू होनी थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसे जुलाई 2026 से शुरू किया। उनका आरोप है कि इससे लाखों महिलाओं को साढ़े चार साल की राशि से वंचित किया गया। जयइंदर कौर ने पश्चिम बंगाल की ‘अन्नपूर्णा योजना’ का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पात्र महिलाओं को 3,000 रुपये प्रतिमाह देने की व्यवस्था की गई और जुलाई में ही 1.30 करोड़ महिलाओं के खातों में राशि पहुंचाई गई।
