बसों, रेत, ठेकों या रेहड़ी-फड़ियों में नहीं, 3 करोड़ पंजाबियों के सुख-दुख में मेरा हिस्सा
चंडीगढ़/बल्लरां (संगरूर)। अपनी राजनीति को निजी हितों के बजाय ईमानदारी और जनसेवा पर आधारित बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को कहा कि पंजाब के अधिकारों के लिए लड़ने के कारण उन्हें भाजपा की ईडी और सीबीआई की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है, जबकि पारंपरिक विपक्षी पार्टियां राज्य को लूटने के लिए सत्ता पर काबिज होना चाहती हैं। संगरूर के गांव बल्लरां में ‘लोक मिलनी’कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के 70,680 से अधिक सरकारी नौकरियां देकर, मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत भुगतान शुरू करके तथा गांव बल्लरां और पड़ोसी गांव लहल खुर्द में विकास कार्यों के लिए 60 लाख रुपये जारी करके बदले की राजनीति को समाप्त कर रही है। उन्होंने कहा, “बसों, रेत या ठेकों में मेरा कोई हिस्सा नहीं है, बल्कि मेरा हिस्सा तीन करोड़ पंजाबियों के सुख-दुख में है और लोगों का विश्वास मेरी सबसे बड़ी ताकत बना हुआ है।”
‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा, “मैं पंजाब के अधिकारों के लिए लड़ रहा हूं और इसी कारण भाजपा ने ईडी तथा सीबीआई को मेरे पीछे लगा दिया है। जो लोग पंजाब के लिए आवाज उठाते हैं और उसके हितों से समझौता करने से इनकार करते हैं, उन पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन मैं निजी आराम के लिए कभी भी पंजाब के अधिकारों और यहां के लोगों के सम्मान से समझौता नहीं करूंगा।” उन्होंने कहा, “विपक्षी पार्टियां पंजाब की सेवा करने के लिए नहीं, बल्कि राज्य के संसाधनों पर दोबारा कब्जा करने और उनका इस्तेमाल अपने हितों के लिए करने के उद्देश्य से सत्ता हथियाना चाहती हैं। पंजाब निजी हितों वाली राजनीति के कारण पहले ही बहुत कुछ सह चुका है। लोगों को ईमानदार नेतृत्व, अपने बच्चों के लिए अवसर और ऐसी ईमानदार सरकार चाहिए, जो मुश्किल समय में उनके साथ खड़ी हो। ”
बल्लरां और लहल खुर्द को 60 लाख रुपये आवंटित
चंडीगढ़/बल्लरां (संगरूर)। अपनी राजनीति को निजी हितों के बजाय ईमानदारी और जनसेवा पर आधारित बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को कहा कि पंजाब के अधिकारों के लिए लड़ने के कारण उन्हें भाजपा की ईडी और सीबीआई की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है, जबकि पारंपरिक विपक्षी पार्टियां राज्य को लूटने के लिए सत्ता पर काबिज होना चाहती हैं। संगरूर के गांव बल्लरां में ‘लोक मिलनी’कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के 70,680 से अधिक सरकारी नौकरियां देकर, मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत भुगतान शुरू करके तथा गांव बल्लरां और पड़ोसी गांव लहल खुर्द में विकास कार्यों के लिए 60 लाख रुपये जारी करके बदले की राजनीति को समाप्त कर रही है। उन्होंने कहा, “बसों, रेत या ठेकों में मेरा कोई हिस्सा नहीं है, बल्कि मेरा हिस्सा तीन करोड़ पंजाबियों के सुख-दुख में है और लोगों का विश्वास मेरी सबसे बड़ी ताकत बना हुआ है।”
‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा, “मैं पंजाब के अधिकारों के लिए लड़ रहा हूं और इसी कारण भाजपा ने ईडी तथा सीबीआई को मेरे पीछे लगा दिया है। जो लोग पंजाब के लिए आवाज उठाते हैं और उसके हितों से समझौता करने से इनकार करते हैं, उन पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन मैं निजी आराम के लिए कभी भी पंजाब के अधिकारों और यहां के लोगों के सम्मान से समझौता नहीं करूंगा।” उन्होंने कहा, “विपक्षी पार्टियां पंजाब की सेवा करने के लिए नहीं, बल्कि राज्य के संसाधनों पर दोबारा कब्जा करने और उनका इस्तेमाल अपने हितों के लिए करने के उद्देश्य से सत्ता हथियाना चाहती हैं। पंजाब निजी हितों वाली राजनीति के कारण पहले ही बहुत कुछ सह चुका है। लोगों को ईमानदार नेतृत्व, अपने बच्चों के लिए अवसर और ऐसी ईमानदार सरकार चाहिए, जो मुश्किल समय में उनके साथ खड़ी हो। ”
बल्लरां और लहल खुर्द को 60 लाख रुपये आवंटित

बल्लरां के लोगों के साथ अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “बल्लरां के लोगों के साथ मेरा रिश्ता वर्ष 2012 से है और उन्होंने मुझे हमेशा उम्मीद से अधिक प्यार तथा सम्मान दिया है। लोगों का अपार प्यार और आशीर्वाद, विशेषकर उन माताओं और बहनों का, जो लोक मिलनी कार्यक्रम में शामिल हुईं, ईमानदारी से उनकी सेवा जारी रखने के मेरे संकल्प को और मजबूत करता है।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांवों में विकास कार्यों को रुकने नहीं देगी। उन्होंने बल्लरां के लिए 35 लाख रुपये और पड़ोसी गांव लहल खुर्द के लिए 25 लाख रुपये की विकास अनुदान राशि देने की घोषणा की, जिससे कुल आवंटन 60 लाख रुपये हो गया है।
