200 करोड़ की टर्नओवर छिपाकर हड़प गए करोड़ों की टैक्स राशि
882 ढाबे, होटल, दुकानें और रेस्टोरेंट जांच के घेरे में
टर्नओवर की गड़बड़ी 500 करोड़ तक पहुंचने के आसार
सरकार ने दिखाई सख्ती, अब तक 2.02 करोड़ की वसूली
इतनी टैक्स चोरी
ढाबों ने की सबसे ज्यादा 10 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी
खाने-पीने की दुकानें, चाय-कॉफी शॉप ने 8 करोड़ रुपये
फास्ट-फूड की दुकानों ने 6 करोड़ से अधिक की चोरी की
चंडीगढ़। पंजाब में ढाबो, खाने-पीने की दुकानों, रेस्टोरेंट और फास्ट-फूड आउटलेट्स द्वारा अपना टर्नओवर कम दिखाकर बड़े पैमाने पर टेक्स चोरी करने का खुलासा हुआ है। राज्य के वित्त, योजना, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को यह खुलासा करते हुए बताया कि 200 करोड़ रुपये के टर्नओवर छिपाने के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, जिसके तहत बहुत व्यवस्थित तरीके से आय कम दिखाकर धोखाधड़ी की जा रही थी।
उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने सार्वजनिक राजस्व की सुरक्षा के लिए तकनीक-आधारित सख्त कार्रवाई शुरू की, जिसके तहत 882 संस्थानों को जांच के घेरे में लिया गया और अब तक 2.02 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और अधिक डेटा के विश्लेषण से टर्नओवर छिपाने का यह मामला लगभग 500 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा, “आय छिपाने में ढाबों का हिस्सा लगभग 10 करोड़ रुपये है, इसके बाद छोटे खाने-पीने के स्थानों, कॉफी और चाय बार का हिस्सा लगभग 8 करोड़ रुपये और पिज्जा एवं फास्ट-फूड आउटलेट्स का हिस्सा 6 करोड़ रुपये से अधिक है।”
मोहाली, जालंधर व लुधियाना टैक्स चोरी के गढ़
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि मोहाली, जालंधर और लुधियाना जैसे प्रमुख शहरी केंद्र टैक्स चोरी के मुख्य गढ़ के रूप में उभरे हैं। उन्होंने कहा कि अधिक नकदी और हाइब्रिड भुगतान (नकद और डिजिटल दोनों) वाले क्षेत्र इस धोखाधड़ी के केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि एडवांस्ड डेटा एनालिटिक्स, टैक्स इंटेलिजेंस यूनिट और स्टेट इंटेलिजेंस एवं प्रिवेंटिव यूनिट (सिपू) से प्राप्त जानकारी और ‘बिल लाओ, इनाम पाओ’ योजना की सफलता के आधार पर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य के राजस्व की सुरक्षा के लिए तकनीक का पूरा उपयोग करते हुए, उल्लंघन करने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा, “होटल, ढाबे, खाने-पीने के स्थान, बेकरी, मिठाई की दुकानें, रेस्टोरेंट्स, कैटरिंग सेवाएं और ऐसे अन्य संस्थानों को कवर करने वाले एक व्यापक, राज्य स्तरीय और डेटा-आधारित अभियान के माध्यम से हमने वित्त वर्ष 2025-26 से संबंधित कुल 882 संस्थानों की पहचान की है।” उन्होंने कहा, “अधिक विश्लेषण और वित्त वर्ष 2023-24 तथा 2024-25 से संबंधित डेटा को शामिल करने के साथ टर्नओवर छिपाने का कुल आकार लगभग 500 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है।”
मौजूदा जांच के परिणामों की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “अब तक 239 मामलों की जांच की गई है, जिसमें लगभग 50 करोड़ रुपये के टर्नओवर छिपाने का पता चला है।” उन्होंने आगे कहा, “इसमें 5 प्रतिशत की दर से 2.54 करोड़ रुपये का टैक्स शामिल है और हमारे विभाग ने अब तक 2.02 करोड़ रुपये की वसूली सुनिश्चित की है, जबकि शेष वसूली की प्रक्रिया जारी है।” वित्त मंत्री चीमा ने कहा, “हमने 3 करदाताओं द्वारा 2 करोड़ रुपये से अधिक, 6 द्वारा 1 करोड़ रुपये से अधिक, 18 द्वारा 50 लाख रुपये से अधिक, 26 करदाताओं द्वारा 25 लाख रुपये से अधिक और 91 करदाताओं द्वारा 5 लाख रुपये से अधिक का टर्नओवर छिपाने का पता लगाया है।”
टर्नओवर छिपाकर टैक्स चोरी में मोहाली सबसे आगे
वित्त मंत्री ने कहा, “मोहाली में सबसे अधिक 8.16 करोड़ रुपये के टर्नओवर छिपाने का मामला सामने आया है, इसके बाद जालंधर में 6.72 करोड़ रुपये और लुधियाना में 5.48 करोड़ रुपये सामने आए हैं, जो कि पकड़ी गई टैक्स चोरी में मुख्य योगदान देने वाले जिले हैं। इनके बाद पटियाला में 3.83 करोड़ रुपये और अमृतसर में 0.99 करोड़ रुपये की चोरी पकड़ी गई है।”
