राज्यपाल ने निजी सचिव शंख चटर्जी की अद्वैत वेदांत और धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र पर लिखी दो पुस्तकों का किया विमोचन

चंडीगढ़। हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा है कि आध्यात्मिक विकास संसार से दूर जाने में नहीं, बल्कि सजग होकर इसमें सक्रिय भागीदारी करने और निष्काम भाव से अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन में है। राज्यपाल प्रो. घोष मंगलवार को लोक भवन हरियाणा में उनके निजी सचिव शंख चटर्जी द्वारा लिखित दो पुस्तकों ‘अद्वैत वेदांत-एक अनोखा दर्शन’ और ‘सामाजिक दृष्टिकोण में धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र’ का विमोचन कर रहे थे।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि अद्वैत वेदांत और कुरुक्षेत्र, जिसे धर्मक्षेत्र के रूप में पूजनीय माना जाता है, दोनों ही मानवता के आध्यात्मिक विकास के बारे में गहन अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं। अद्वैत वेदांत, जिसे आदि शंकराचार्य ने स्पष्ट रूप से प्रतिपादित किया, हमें सिखाता है कि व्यक्तिगत आत्मा और सार्वभौमिक चेतना एक ही हैं। यह अलगाव के भ्रम को समाप्त कर साधक को आत्म-साक्षात्कार और आंतरिक मुक्ति की ओर मार्गदर्शन करता है। कुरुक्षेत्र, जो महाभारत के भीतर भगवद्गीता का पवित्र युद्धक्षेत्र है, मानव जीवन में निहित नैतिक और आध्यात्मिक संघर्ष का प्रतीक है। राज्यपाल ने पुस्तकों के लेखक और अपने निजी सचिव शंख चटर्जी की बुद्धिमता, समर्पण और सरल व्यवहार की सराहना करते हुए उन्हें एक बहुआयामी व्यक्तित्व का धनी बताया।
इस अवसर पर राज्यपाल की धर्मपत्नी मित्रा घोष, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी सुमन सैनी, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण, रामकृष्ण मठ एवं मिशन के उपाध्यक्ष स्वामी विमलात्मानंद महाराज, विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, रामकृष्ण मिशन चंडीगढ़ के सचिव स्वामी बिथिरानंद महाराज, इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला, आचार्य सौमिक राहा, सुमेर जैन व अरिहंत जैन सहित लोक भवन हरियाणा के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *