आर्यन्स लॉ कालेज में शुरू हुआ उत्तर भारत का पहला ‘लॉ फिल्म फेस्टिवल’

अभिनेता बिन्नू ढिल्लों ने तीन दिवसीय फेस्टिवल का किया उद्घाटन
एलएलबी और बीएएलएलबी के करीब 700 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

चंडीगढ़। चंडीगढ़ के निकट राजपुरा स्थित आर्यन्स कालेज आफ लॉ में बुधवार को तीन दिवसीय ‘आर्यन्स लॉ फिल्म फेस्टिवल’ का आगाज हुआ। खास बात यह है कि सिनेमा के जरिए कानून की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर भारत में पहली बार कोई ‘लॉ फिल्म फेस्टिवल’ आयोजित किया गया है। फेस्टिवल के उद्घाटन अवसर पर प्रसिद्ध पंजाबी फिल्म स्टार बिन्नू ढिल्लों, प्रसिद्ध पंजाबी व तेलुगु अभिनेत्री पायल राजपूत और आर्यन्स ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. अंशु कटारिया ने फेस्टिवल का पोस्टर आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया। इस कार्यक्रम में एलएलबी और बीएएलएलबी में अध्ययनरत करीब 700 विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।
बिन्नू ढिल्लों ने आर्यन्स लॉ फिल्म फेस्टिवल की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह सिनेमा के जरिए शिक्षा को वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ने का एक अनूठा और अभिनव तरीका है। उन्होंने आर्यन्स ग्रुप ऑफ कॉलेजेज और डॉ. अंशु कटारिया की भी प्रशंसा की, जिन्होंने ऐसे रचनात्मक मंचों को शुरू किया, जो न केवल सीखने को बढ़ावा देते हैं
बल्कि छात्रों को सक्रिय और प्रेरित भी रखते हैं। बिन्नू ढिल्लों जोकि पंजाबी फिल्म ‘खुशखबरी’ के प्रचार के लिए पायल राजपूत और हरबी संघा के साथ आर्यन्स ग्रुप ऑफ कॉलेज पहुंचे। उन्होंने छात्रों से बातचीत की, फिल्म उद्योग में अपने अनुभव साझा किए और उन्हें अपने जुनून को लगन से आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे परिसर में काफी उत्साह का माहौल बन गया।
इस अवसर पर डॉ. अंशु कटारिया ने बताया कि यह महोत्सव विधि के छात्रों को वास्तविक जीवन के मामलों और न्यायिक विषयों पर आधारित प्रभावशाली फिल्मों के माध्यम से कानूनी अवधारणाओं की व्यावहारिक और रुचिकर समझ प्रदान करने के लिए बनाया गया है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस प्रकार के नवीन शिक्षण दृष्टिकोण सैद्धांतिक ज्ञान और वास्तविक कानूनी अभ्यास के बीच की खाई को पाटने में मदद करते हैं, साथ ही सीखने को अधिक संवादात्मक और सार्थक बनाते हैं।

महोत्सव में पिंक, सेक्शन 375, जॉली एलएलबी, जॉली एलएलबी 2, तलवार, रुस्तम, मुल्क, आर्टिकल 15, शाहिद, ओएमजी – ओह माय गॉड!, दामिनी, नो वन किल्ड जेसिका, कोर्ट, बैंडिट क्वीन, ब्लैक फ्राइडे, रेड, स्पेशल 26, गिल्टी, बाटला हाउस, ऐतराज़, आर्टिकल 21, मुल्ज़िम, फिर सहित कई प्रशंसित कानूनी और सामाजिक रूप से प्रासंगिक फिल्मों की स्क्रीनिंग होगी। मिलेंगे, इन्साफ का तराजू, कसूर, दीवानगी, एक रुका हुआ फैसला, मैं ऐसा ही हूं, शौर्य, गंगाजल, अपहरण, सत्यमेव जयते, हल्ला बोल, ये साली जिंदगी, तहजीब, जुर्म, काबिल, मॉम, एनएच10, दृश्यम, दृश्यम 2, ये स्क्रीनिंग छात्रों को जटिल कानूनी मुद्दों, अदालत की रणनीतियों और न्याय प्रणाली की बारीकियों को समझने का मौका देगी।

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