खरड़। नयागांव नगर काउंसिल चुनाव में अपनी तय हार से घबराई आम आदमी पार्टी (आप) अब लोकतंत्र का गला घोंटने पर उतर आई है। 14 अप्रैल की देर रात से 15 अप्रैल तड़के करीब 1:35 बजे तक एसडीएम खरड़ के दफ्तर में बंद दरवाजों के पीछे आप नेताओं द्वारा वोटों की हेरफेर की गई । यह आरोप बुधवार को पंजाब भाजपा के स्टेट मीडिया हेड विनीत जोशी ने लगाए। इस मौके पर विनीत जोशी के साथ नयागांव मंडल अध्यक्ष भूपिंदर सिंह भुप्पी, पूर्व पार्षद सुरिंदर कौशिश बब्बल, पार्षद पति बबलू कोरी और मंडल महामंत्री सुरेश यादव भी मौजूद रहे।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए विनीत जोशी ने आरोप लगाया कि आप नेता बूथ स्तर के अधिकारियों बीएलओ द्वारा सत्यापित मतदाता सूचियों से खुलेआम छेड़छाड़ कर रहे हैं। विरोधी दलों के वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं और अपने समर्थकों के नाम अवैध तरीके से जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने इसे “लोकतंत्र की हत्या” करार देते हुए कहा कि यह चुनाव नहीं, बल्कि सत्ता बचाने की साजिश है।
उन्होंने गड़बड़ी का खुलासा करते हुए बताया कि भाजपा नेता सुरिंदर कौशिश बब्बल और करण जब शाम 4 बजे एसडीएम दफ्तर पहुंचे, तो उन्हें 5 बजे यह कहकर भेज दिया गया कि कार्यालय बंद हो चुका है। लेकिन उसी दफ्तर में आधी रात को बंद दरवाजों के पीछे आप नेताओं की मौजूदगी ने पूरे प्रशासनिक तंत्र की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रात 12 बजे जब भाजपा नेता दोबारा मौके पर पहुंचे, तो आप नेताओं की गाड़ियां वहां खड़ी मिलीं और खिड़की के अंदर आप का नयागांव ब्लॉक अध्यक्ष सुनील साफ दिखाई दिया। रात करीब 1:35 बजे जब आप नेता बाहर निकले, तो उनके साथ नगर काउंसिल के एएमई हरभजन सिंह, सैनिटरी इंस्पेक्टर संतोष वर्मा, बिल्डिंग इंस्पेक्टर महेश और क्लर्क सौरभ आनंद जैसे सरकारी अधिकारी भी थे। उन्होंने सवाल उठाया कि आधी रात को सरकारी अधिकारी व आप पार्टी नेता बंद दफ्तर में क्या कर रहे थे? क्या यह पूरा खेल सरकारी संरक्षण में चल रहा था?
उन्होंने आरोप लगाया कि खरड़ की विधायक अनमोल गगन मान अपनी हार से बचने के लिए सरकारी मशीनरी का खुला दुरुपयोग कर रही हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि यह केवल चुनावी अनियमितता नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग का घिनौना उदाहरण है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस वोट हेरफेर कांड की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर बड़ा जन आंदोलन शुरू करेगी।
