महिला आरक्षण पर बार-बार रुख बदल रही भाजपा : हरसिमरत

चंडीगढ़। शिरोमणी अकाली दल (शिअद) की वरिष्ठ नेता और बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा है कि भाजपा महिला आरक्षण पर बार-बार रूख बदल रही है और महिला आरक्षण विधयेक की आड़ में परिसीमन की कवायद की जा रही है।
संसद में विधेयक पर बोलते हुए हरसिमरत बादल ने कहा कि अकाली दल महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करता है, लेकिन असंवैधानिक परिसीमन कवायद का समर्थन नहीं करेगा। उन्होंने कहा,‘‘संविधान में साफ है कि परिसीमन जनगणना के बाद ही किया जा सकता है। परिसीमन इस तरह से किया जाना चाहिए कि सभी राज्यों की लोकसभा सीटों में आनुपातिक रूप से बढ़ोतरी हो, ताकि संघीय लोकतंत्र में सभी के लिए समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।’’
आनुपातिक प्रतिनिधित्व पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दिए गए मौखिक आश्वासन पर हरसिमरत बादल ने कहा,‘‘सरकार को लिखित आश्वासन देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सब जानते हैं कि 1986 में पंजाब को चंडीगढ़ सौंपने का मौखिक आश्वासन, ‘बंदी सिंहों’ को रिहा करने का वादा और हाल ही में पंजाब वेयरहाउसिंग अफसर डा. गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या की सीबीआई जांच कराने के आश्वासन का क्या हुआ?’’ बादल ने बताया कि केंद्र सरकार ने सितंबर 2023 में सेशन बुलाया था लेकिन महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि जनगणना की आवश्यकता के बिना एक नया संशोधित बिल पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा,‘‘यह साफ है कि महिला आरक्षण बिल की आड़ में परिसीमन किया जा रहा है।’’ उन्होंने कहा कि देश देख रहा है कि किस तरह संसद में भारी बहुमत के माध्यम से इसे जबरदस्ती पारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा,‘‘ केंद्र पिछले तीन साल में जनगणना करा सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।’’

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